सुनील ओसवाल / अहिल्यानगर
श्रीरामपुर में एटीएस के छापों से हड़कंप
सोशल मीडिया से शुरू हुई जांच
पाकिस्तानी नेटवर्क ने उड़ाई एजेंसियों की नींद
महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) की कार्रवाई ने पूरे राज्य में सनसनी पैâला दी है। पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क और सोशल मीडिया कनेक्शन की सूचना मिलने के बाद एटीएस ने शहर में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर चार युवकों को जांच के दायरे में लिया है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को इनपुट मिला था कि श्रीरामपुर के कुछ युवक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान से जुड़े कथित गैंगस्टर नेटवर्क के संपर्क में थे। इसके बाद एटीएस ने गुप्त निगरानी शुरू की और पर्याप्त जानकारी मिलने पर शहर में एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान कुछ संदिग्ध सोशल मीडिया गतिविधियां एजेंसियों के रडार पर आई थीं। पाकिस्तान से जुड़े कंटेंट को देखने, साझा करने और उस पर संदिग्ध प्रतिक्रियाएं देने के आरोपों की भी जांच की जा रही है। यही नहीं, कुछ डिजिटल चैट और ऑनलाइन संपर्कों ने एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है।
एटीएस की टीमों ने छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन डिवाइसों में मौजूद डेटा को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध संपर्क महज सोशल मीडिया तक सीमित थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि जांच में कुछ महत्वपूर्ण स्थानों की कथित रेकी किए जाने की आशंका भी सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसी एंगल को लेकर एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं। कार्रवाई के दौरान चार युवकों से घंटों पूछताछ की गई और उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। फिलहाल, किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियां पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलू से भी देख रही हैं।
डिजिटल कनेक्शन और रेकी एंगल की जांच तेज
जांच एजेंसियों को संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और चैट्स के जरिए पाकिस्तान से संपर्क की आशंका मिली है। कुछ स्थानों की कथित रेकी का एंगल भी सामने आया है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एटीएस डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
