महेश मांजरेकर द्वारा रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ के चार शोज को होस्ट करने के बाद इसके पांचवें सीजन को होस्ट करने की जिम्मेदारी रितेश देशमुख को सौंप दी गई। खैर, ‘बिग बॉस-६’ में शांत दिखनेवाले रितेश जब किसी कंटेस्टेंट के सामने निडरता दिखाते हैं, तो उनकी पर्सनैलिटी में छिपी खूबियां बतौर एक्टर उनकी रेंज दिखाती हैं, जो ‘बिग बॉस’ के होस्ट के लिए जरूरी है। पेश है, रितेश देशमुख से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
२०२६ में आपके रेजोल्यूशन क्या हैं?
सच कहूं तो मेरे लिए २०२५ अच्छा रहा। हां, ये और बात है कि इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार हमें छोड़कर चले गए। यह बहुत बड़ा नुकसान है। मैंने फिल्म ‘राजा शिवाजी’ की शूटिंग पूरी कर ली है, जिसे मैंने डायरेक्ट किया था। फिल्म ६ भाषाओं हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज हो रही है। प्रोफेशनली मैं बिजी था और ओवरऑल साल अच्छा गया। लेकिन २०२६ के शुरू होते ही मैं ‘बिग बॉस-६’ में बिजी हो गया।
मराठी शो ‘बिग बॉस’ करने की क्या वजह रही?
सबसे जरूरी वजह यह कि यह मेरा पसंदीदा शो है। मैं यह शो तब भी देखता था जब मैं इसे नहीं कर रहा था। जब मुझे इसका ऑफर मिला तो ऑफर एक्सेप्ट करने से पहले मैंने ‘कलर्स मराठी’ के साथ कई मीटिंग कीं। वैसे भी ‘बिग बॉस’ जैसे रियलिटी शो को होस्ट करना इतना आसान नहीं है। इसे करने के लिए मैं शुरू में बहुत उत्सुक नहीं था। खैर, किस्मत से दर्शकों ने ‘बिग बॉस-५’ को बहुत प्यार दिया। कुल मिलाकर, यह अनुभव अच्छा रहा।
क्या सलमान खान ने आपको कोई टिप्स दीं?
सलमान ने कोई टिप्स नहीं दीं। लेकिन उनकी होस्टिंग मेरे लिए इंस्पायरिंग है। मैंने सलमान की होस्टिंग देखने के बाद नोटिस किया कि मुझे किन इश्यूज पर बात करनी चाहिए। सलमान मुझसे बहुत सीनियर हैं। मैं उन्हें कॉपी नहीं करता। उनका स्टाइल अलग है, मेरा अलग है।
पत्नी जेनेलिया और मां वैशाली देशमुख का इस पर क्या रिएक्शन है?
जेनेलिया और मां मुझसे बिना किसी शर्त के प्यार करती हैं, इसलिए वे हमेशा मुझे सपोर्ट करती हैं। उनका मानना है कि मैं जो भी करूंगा वह सही होगा, यह मेरे लिए बहुत मेंटल सपोर्ट है।
कंट्रोवर्शियल शो ‘बिग बॉस’ को आप कैसे देखते हैं?
मुझे ‘बिग बॉस’ कंट्रोवर्शियल नहीं, बल्कि एंगेजिंग लगता है। जब बहस होती है, तो कुछ लोग अपना आपा खो देते हैं और गुस्सा हो जाते हैं। अपने इमोशंस को कंट्रोल में रखना एक बड़ी स्किल है।
आप ‘बिग बॉस’ के लिए समय कैसे निकालेंगे?
मैंने अपना डायरेक्शन का काम पूरा कर लिया। फिर मैंने ‘बिग बॉस’ को टाइम दिया। ‘बिग बॉस’ के लिए मेरी डेट्स ६ महीने पहले ही तय हो गई थी। मैं उसी हिसाब से अपना काम प्लान करूंगा।
हिंदी और मराठी फिल्मों में क्या फर्क है?
जो फिल्म मराठी में हिट होती है, जरूरी नहीं कि वो हिंदी में भी हिट हो। अक्सर, ऑडियंस को भाषा पसंद होती है, उन्हें ऐसे एक्टर ज्यादा पसंद आते हैं जो उनकी भाषा बोलते हैं।
क्या आप अपने करियर से संतुष्ट हैं?
एक आर्टिस्ट को अक्सर सैटिस्पैâक्शन नहीं मिलता। कलाकार हमेशा अच्छे काम और रोल का इंतजार करता रहता है। मैं सैटिस्फाइड हूं क्योंकि फिल्म ‘तुझे मेरी कसम’ को रिलीज हुए २३ साल हो गया है, यानी मैं अपने करियर की एक बड़ी जुबली की दहलीज पर खड़ा हूं। अपनी पहली फिल्म करते समय मेरी फीलिंग थी कि यह मेरी पहली और आखिरी फिल्म है क्योंकि मेरा प्रोफेशन आर्किटेक्चर है, मेरे पास इसमें डिग्री है। मुझे नहीं पता था कि एक्टिंग वैâसी होती है, लेकिन मैं २३ साल बाद भी यहां काम कर रहा हूं, ऑफर मिल रहे हैं तो मैं सैटिस्फाइड क्यों न होऊं?
