मुख्यपृष्ठनए समाचारअमित शाह के बयान के बाद टेंशन में आए शिंदे-पवार!

अमित शाह के बयान के बाद टेंशन में आए शिंदे-पवार!

-अब भाजपा दोनों दलों को निगलने की करेगी शुरुआत

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा कभी भी हो सकती है। इस बीच सभी राजनीतिक दलों ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस दौरान पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बाद में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि महायुति के सभी दल अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे। बताया जाता है कि अमित शाह के बयान के बाद शिंदे और अजीत पवार पूरी तरह से टेंशन में आ गए हैं। दोनों को यह डर सताने लगा है कि भाजपा ने कहीं अपना पुराना इतिहास स्थानीय निकाय चुनावों के माध्यम से दोहराना तो नहीं शुरू कर दिया है। क्योंकि भाजपा का इतिहास रहा है कि जिस दल के सहारे अपनी नैया को पार करती है, उसी दल को धीरे-धीरे निगल जाती है।
बता दें कि महाराष्ट्र की सत्ता हासिल करने के लिए शिंदे गुट और अजीत पवार गुट का भाजपा ने सहारा लिया। अब उन्हीं दलों को निगलने की शुरुआत स्थानीय निकाय चुनावों से होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई भाजपा के राज्य कार्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान एक संबोधन में शाह ने राज्य के सियासी तापमान को बढ़ा दिया। निकाय चुनावों से पहले शाह के इस भाषण के सियासी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। शाह ने सोमवार, २७ अक्टूबर को कार्यक्रम में कहा कि भाजपा महाराष्ट्र में किसी बैसाखी के आधार पर नहीं चलती। भाजपा अपनी ताकत पर चलती है। महाराष्ट्र में भी भाजपा राज्य की मजबूत पार्टी है इसमें कोई सवाल नहीं है। भारत की राजनीति में जिस तरह से भाजपा का अस्तित्व और सिद्धांत एक अमिट स्थान रखते हैं। उसी तरह अब भाजपा महाराष्ट्र के राजनीतिक क्षेत्र की एक मजबूत हस्ताक्षर है। अपने संबोधन में गृह मंत्री ने निकाय चुनावों की ओर इशारा करते हुए कहा कि राज्य में डबल इंजन सरकार है मुझे उससे खुशी नहीं है। ग्राम पंचायत से लेकर नगरपालिका और मनपा के चुनावों भाजपा को अपना दम खम दिखाना है।

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