सामना संवाददाता / मुंबई
भारत के कोने-कोने से राइडर्स ने मिलकर जुलाई के दूसरे रविवार को अंतरराष्ट्रीय जावा-येज़दी दिवस के तौर पर मनाया, जो क्लासिक मोटरसाइकिलों की दुनिया में कुछ खास मायने रखता है। मणिपुर की पहाड़ियों से सुबह-सुबह की राइड हो या कोच्चि की गलियों और कोंकण के समुद्रतटों पर शाम की सवारी, क्लासिक मोटरसाइकिल ब्रांड जावा और येज़दी के फैंस शानदार स्टाइल में, रेट्रो शैली में, गर्व से राइडिंग करते हुए दिखाई दिए।
फैंस द्वारा तय किया गया यह दिन अब एक उत्सव में बदल चुका है, और जावा येज़दी मोटरसाइकल्स को दो प्रतिष्ठित ब्रांड्स के राइडर समुदायों और डीलरशिप्स द्वारा संचालित सांस्कृतिक उत्साह का जश्न मनाने पर गर्व है। इस वर्ष 12 राज्यों, 20 शहरों, 18 राइडिंग समुदायों और जावा येज़दी मोटरसाइकिल्स की 120 डीलरशिप्स के 6,000 से अधिक राइडर्स ने भाग लिया।
राजधानी दिल्ली के जावा येज़दी क्लब, उत्तर के हरियाणा जावा येज़दी क्लब और राजस्थान जावा येज़दी क्लब से लेकर दक्षिण के कन्याकुमारी जावा येज़दी क्लब, बीजेवाईएमसी बेंगलुरु, रिबॉर्न राइडर्स चेन्नई और स्मोकिंग बैरल्स त्रिवेंद्रम के राइडिंग समुदायों की इस दिन उत्साहपूर्ण उपस्थिति देखी गई। पूर्वोत्तर के जावा येज़दी मोटरसाइकिल क्लब मणिपुर, पश्चिम भारत के वाईजेओसी पश्चिमी महाराष्ट्र और जावा येज़दी क्लब पुणे, और मैंगलोर, नागरकोइल, पलक्कड़, वाराणसी, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ के राइडिंग समुदायों के राइडर्स ने राइड्स में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। यह दिन उन बाइक्स के लिए एक राष्ट्रव्यापी उत्सव बन गया, जो अपने टैंकों में कहानियां और अपने आइनों में यादें समेटे हुए हैं।
