अजय भट्टाचार्य
रामजन्मभूमि के पास स्थित `राम निवास’ मंदिर के सेवादार हरि शंकर सफरीवाला का यह दर्द सीधे भाजपा के संरक्षण में चल रहे अहंकार और लूट की गवाही है। सफरीवाला के अनुसार चंपत राय गैंग ने मंदिर के महंत/पुजारी से मिलकर उन्हें पैसे देकर मंदिर में भगवान राम का स्वर्णजटित सिंहासन, भगवान के गहने आदि पर कब्जा करने के बाद मंदिर से जुडी ४०० बीघा जमीन भी हड़प ली। क्या राम मंदिर के नाम पर दूसरों के प्राचीन मंदिरों की मूर्तियां, सोने का पलंग और सिंहासन चुराना ही हिंदुत्व का `संस्कार’ है? चंपत राय पर लगे ४०० बीघा जमीन और करोड़ों की संपत्ति हड़पने के आरोपों पर डबल इंजन सरकार खामोश क्यों है? जब पीड़ित संत वहां जाते हैं, तो उन्हें बंदूकधारियों से डराया जाता है। बाबाजी का बुलडोजर अब इन गुंडों के घरों का रास्ता भूल गया है?
खेल की तैयारी
उत्तर प्रदेश संगठन की टीम घोषित होने के बाद अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव प्रभारी को लेकर भाजपा में चर्चा शुरू हो गई है। इनमें राष्ट्रीय महासचिव और महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद, केंद्रीय सरकार में एक मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री में से कोई उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रभारी बन सकता है। उत्तर प्रदेश के पूर्व संगठन मंत्री और वर्तमान राष्ट्रीय महासचिव को लखनऊ से दूर रखा जाएगा, क्योंकि बाबाजी को वह फूटी आंख भी नहीं सुहाते। वैसे संगठन सूची में पूर्व संगठन मंत्री का दखल दिखा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष टीम घोषित होना बाकी है। हो सकता है इसमें राष्ट्रीय महासचिव को बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी जाए। चुनाव प्रभारी के कंधों पर बंदूक रखकर पूर्व संगठन मंत्री अपने निशाने साध सकते हैं।
जागते रहो…
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के पास गृह विभाग की जिम्मेदारी भी है। व्यस्तता में वे विभाग की समीक्षा, उद्योगपतियों, खिलाड़ियों और आम लोगों के साथ बैठकें करते रहते हैं। गृह विभाग संभालने के लिए वे देर रात, अक्सर रात १० या ११ बजे के बाद समीक्षा बैठकें करते हैं। इस अजीब समय को लेकर शुरू में अफसरशाही में हैरानी हुई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि संघवी का मानना है कि देर रात की बैठकों में बिना किसी रुकावट के पूरी तरह ध्यान लगाकर चर्चा की जा सकती है। पिछले हफ्ते ऐसी ही एक समीक्षा बैठक सुबह ३ बजे तक चली। आखिर पुलिस से रात में जागते रहने की उम्मीद की जाती है ताकि आम लोग चैन से सो सकें।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)
