मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
अयोध्या की नव्य पहचान को राष्ट्रीय स्वरूप देने के लिये गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तराखंड को उनके अपने राज्य भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित कर दी गई है। तीनों राज्यों को विधिवत रूप से ज़मीन का कब्जा सौंप दिया गया, साथ ही आवंटित भू-भाग की बाउंड्री भी कराई जा रही है। अब इन राज्यों से आने वालों को उनके भवन में कक्ष आवंटन होगा। इन राज्यों के राज्य भवन के लिए गुजरात, महाराष्ट्र व उत्तराखंड राज्य को पांच-पांच एकड़ जमीन दी गई। यह राज्य भवन भविष्य में न केवल संबंधित राज्यों की संस्कृति, परंपरा और पर्यटन को प्रदर्शित करेंगे, बल्कि अयोध्या आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक सेतु का कार्य भी करेंगे।
नव्य अयोध्या में आवासीय प्लाट की खरीददारी भी तेजी से की जा रही है। सहायक अभियंता आवास विकास विभाग अजीत मौर्य ने बताया कि अब तक 312 आवासीय प्लाट आवंटित किए गए हैं। सभी प्लाट के स्वामियों ने अपना कब्जा प्राप्त कर लिया है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से लोगों ने यह प्लाट खरीदे हैं। इसके अलावा होटल के 12 प्लाट आवंटित किए गए हैं। इनमें से अधिकांश होटल थ्री स्टार कटेगरी के हैं जबकि कुछ बजट होटल हैं। तीन-चार होटलों का निर्माण भी शुरू हो चुका है। नव्य अयोध्या में आवासीय प्लाटों की दर 35,870 रुपये प्रति वर्ग मीटर, व्यावसायिक भूखंडों की बेस दर 71,740 रुपये प्रति वर्ग मीटर और मठ-मंदिरों आदि की 53,805 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय है। व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी करके बेचा जाएगा। सबसे पहले मठ-मंदिरों, धर्मशालाओं, होटल, मॉल, स्कूल, कॉलेज अंतरराष्ट्रीय भवनों, राज्यों के गेस्ट हाउस आदि के लिए जमीन दी जा रही है।
आवास विकास विभाग के सहायक अभियंता अजीत मौर्य का कहना है कि तीन राज्यों को भूमि हस्तांतरण की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और अब तीनों राज्यों की ओर से डिजाइन व निर्माण प्रक्रिया शीघ्र शुरू किए जाने की संभावना है। इसके अलावा नव्य अयोध्या में आवासीय प्लाट भी आवंटित किए जा चुके हैं। नव्य अयोध्या के दूसरे चरण के लिए शीघ्र ही जमीनों के अधिग्रहण की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।”
