सना खान
कुछ कहानियां किताबों में नहीं लिखी जातीं। कुछ कहानियां शब्दों में नहीं कही जातीं। वे बस दिल के किसी कोने में चुपचाप सांस लेती रहती हैं। रिया की भी एक ऐसी ही कहानी थी। हर सुबह वह मुस्कुराते हुए लोगों से मिलती, अपने काम में व्यस्त रहती और दुनिया को यह यकीन दिलाती कि उसकी जिंदगी बिल्कुल ठीक है। लेकिन उसके दिल में एक ऐसा अध्याय था, जिसे उसने कभी किसी के सामने नहीं खोला।
वर्षों पहले उसकी मुलाकात आरव से हुई थी। वह रिश्ता दोस्ती से शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे रिया के लिए वह उसकी दुनिया बन गया। उसने कभी अपने दिल की बात नहीं कही, क्योंकि उसे डर था कि कहीं यह रिश्ता भी खो न जाए। समय बीतता गया। आरव अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गया और रिया अपनी जिम्मेदारियों में। दोनों के बीच बातचीत कम होती गई लेकिन कुछ एहसास ऐसे थे, जो कभी कम नहीं हुए। एक दिन अचानक पुराने संदेशों को देखते हुए रिया मुस्कुरा दी। उसे एहसास हुआ कि हर कहानी का अंत मिलन नहीं होता। कुछ कहानियां हमें प्यार का अर्थ सिखाने के लिए आती हैं, साथ देने के लिए नहीं। उसने फोन बंद किया, खिड़की से बाहर देखा और मन ही मन कहा, `शायद तुम मेरी किस्मत नहीं थे, लेकिन मेरी कहानी का सबसे खूबसूरत हिस्सा जरूर थे।’ उस दिन पहली बार रिया को अपनी अनकही कहानी से शिकायत नहीं थी। क्योंकि कुछ कहानियां अधूरी होकर भी पूरी होती हैं। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। कई साल बाद एक दिन अचानक रिया की मुलाकात आरव से हुई। दोनों बदले हुए थे। चेहरे पर उम्र की परिपक्वता थी और आंखों में बीते समय की खामोशियां।
कुछ पल दोनों एक-दूसरे को देखते रहे। न कोई शिकायत थी, न कोई सवाल। सिर्फ एक मुस्कान थी, जो यह कह रही थी कि समय ने बहुत कुछ बदल दिया है, लेकिन यादों की खुशबू अब भी बाकी है। आरव ने धीरे से पूछा, `वैâसी हो?’ रिया मुस्कुरा दी। `अच्छी हूं। शायद पहले से बेहतर।’ कुछ देर बाद दोनों अपनी-अपनी राह पर चल पड़े। इस बार रिया के कदम भारी नहीं थे। उसे किसी जवाब की तलाश नहीं थी। उसने समझ लिया था कि जीवन में हर रिश्ता साथ निभाने के लिए नहीं आता। कुछ रिश्ते हमें मजबूत बनाने, हमें खुद से मिलाने और प्यार का सही अर्थ सिखाने के लिए आते हैं। उस रात रिया ने अपनी डायरी खोली और पहली बार उस कहानी को लिखना शुरू किया, जिसे वह वर्षों से अपने दिल में छुपाए बैठी थी। डायरी के आखिरी पन्ने पर उसने लिखा, `कुछ लोग हमारी मंजिल नहीं बनते, लेकिन हमारी यात्रा को खूबसूरत बना जाते है और शायद यही उनकी सबसे बड़ी भूमिका होती है।’ कहानी खत्म हो गई थी, लेकिन उसका असर नहीं। क्योंकि कुछ कहानियां शब्दों में पूरी हो जाती हैं और कुछ यादों में हमेशा जीवित रहती हैं। यही थी रिया की कहानी, एक कहानी जो कभी कही नहीं गई, लेकिन हमेशा महसूस की गई।
