मुख्यपृष्ठस्तंभसर्बिया में छात्रों ने बदली सत्ता!

सर्बिया में छात्रों ने बदली सत्ता!

१४ साल बाद अलेक्जेंडर वुचिच हारे चुनाव; २ साल से हो रहे थे आंदोलन
सर्बिया की राजनीति में छात्रों ने इतिहास रच दिया है। करीब दो साल से भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र-नेतृत्व वाले विपक्षी मोर्चे ‘स्टूडेंट लिस्ट’ ने संसदीय चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। लंबे समय से देश की राजनीति पर दबदबा बनाए रखने वाले अलेक्जेंडर वुचिच को हार स्वीकार करनी पड़ी है। इस जीत को सर्बिया की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
सर्बिया की २५० सदस्यीय संसद के लिए २५ अक्टूबर को हुए मध्यावधि चुनाव में शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, छात्र समर्थित ‘स्टूडेंट लिस्ट’ को १३५ से १४० सीटें मिलने की संभावना जताई गई, जबकि वुचिच के नेतृत्व वाले राजनीतिक गठबंधन को करीब १०५ सीटें मिलने का अनुमान था। चुनावी नतीजों के शुरुआती रुझानों के बाद वुचिच ने माना कि उनका खेमा चुनाव हार गया है।
हादसे से शुरू हुआ आंदोलन
इस आंदोलन की शुरुआत नवंबर २०२४ में नोवी साद शहर के रेलवे स्टेशन पर एक कंक्रीट की छतरी गिरने के बाद हुई थी। इस हादसे में १६ लोगों की मौत हो गई थी। घटना ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया। छात्रों और आम नागरिकों ने इसे कथित सरकारी भ्रष्टाचार, प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही की कमी से जोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
धीरे-धीरे छात्रों का आंदोलन विश्वविद्यालयों और बड़े शहरों से निकलकर देशव्यापी विरोध में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, संस्थाओं की जवाबदेही और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई। करीब दो साल तक चले इस आंदोलन ने वुचिच सरकार के सामने बड़ी राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी।
रिकॉर्ड मतदान, सत्ता परिवर्तन के संकेत
चुनाव में लगभग ६८.८ प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो तीन दशक से अधिक समय में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है। छात्रों की जीत के बाद बेलग्रेड समेत कई शहरों में समर्थकों ने जश्न मनाया। हालांकि, चुनावी जीत के बाद सबसे बड़ी चुनौती आंदोलन के वादों को शासन और ठोस सुधारों में बदलने की होगी। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, शिक्षा व्यवस्था सुधारने, रोजगार बढ़ाने और संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर नई राजनीतिक व्यवस्था की परीक्षा होगी।

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