मुख्यपृष्ठधर्म विशेषवैभव बढ़ाता है सूर्य पूजन

वैभव बढ़ाता है सूर्य पूजन

शीतल अवस्थी

मकर संक्राति पर सूर्य शनि के घर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसलिए यह सूर्य उपासना का पर्व माना गया है। सूर्य देव में सारे देवताओं का वास माना जाता है। यही कारण है कि मकर संक्रांति पर सूर्य देव का पूजन करने से सारे देवताओं का पूजन हो जाता है। जिनकी प्रसन्नता वर्षभर सुख और समृद्धि की कृपा करने वाली होती है। मकर संक्रांति पर १२ राशि वाले किन मंत्रों से सूर्य देव को अर्घ प्रदान करें जिससे कि उन्हें जीवन में सफलता के अवसर मिलें।
मेष- सूर्य देव के पूजन के लिए अर्घ तैयार करें। एक तांबे के लोटे में जल और तिल लें। उसमें थोड़ा गुड़ और लाल कनेर का फूल मिला लें। अब इस मंत्र के साथ सूर्य को अर्घ प्रदान करें। तिल के तेल के दीपक से आरती करें।
मंत्र- ॐ नित्यानन्दाय नम:
वृषभ- सूर्य पूजन के लिए अर्घ तैयार करें। एक लोटे में तिल व जल लें। इसमें सफेद चंदन मिलाएं। सफेद फूल डालें। इस मंत्र के साथ सूर्य देव को अर्घ प्रदान करें। तिल के तेल के दीपक से आरती करें।
मंत्र- ॐ जगत नन्दाय नम:
मिथुन- अर्घ के लिए एक लोटे में जल व तिल लें। अब इसमें दूर्वा डालें। अष्टगंध मिलाएं। नीचे दिए गए मंत्र को जप करते हुए सूर्य देव को अर्घ प्रदान करें। तिल के तेल के दीपक से आरती करें।
मंत्र- ॐ जस्कराय नम:
कर्क- सूर्य को प्रदान किए जाने वाले अर्घ में जल, तिल लें। इसमें थोड़ा दूध मिलाएं। सफेद फूल डाले। राशि मंत्र से सूर्य को अर्घ दें। अब सूर्य देव की आरती करें।
मंत्र- ॐ आत्मरूपिणे नम:
सिंह- सूर्यार्घ के लिए लोटे में जल, तिल और कुमकुम लें। आक का फूल मिलाएं। इस मंत्र के साथ सूर्य देव को अर्घ प्रदान करें। सूर्य देव की आरती करें।
मंत्र- ॐ सर्वाय नम:
कन्या- जल, तिल, चंदन और दूर्वा लेकर सूर्य देव को अर्घ प्रदान करें। नीचे दिए गए मंत्र के साथ सूर्यदेव को अर्घ प्रदान करें।
मंत्र- ॐ दीप्तमूर्तये नम:
तुला- सूर्य अर्घ प्रदान किए जाने वाले बर्तन में तिल और सफेद चंदन मिलाएं। सफेद फूल डाले। निम्न मंत्र के साथ सूर्यदेव को अर्घ प्रदान करें।
मंत्र- ॐ श्रीमंते नम:
वृश्चिक- लोटे में जल, तिल, लाल चंदन और लालकनेर के फूल लेकर सूर्यदेव को अर्घ समर्पित करें।
मंत्र- ॐ ब्रह्मणे नम:
धनु- तिल और केसर को पानी में मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ दें। अर्घ देते समय सूर्य मंत्र का जप करें।
मंत्र- ॐ वीराय नम:
मकर- मकर संक्रांति पर सूर्य धनु राशि छोड़कर मकर राशि में प्रवेश कर रहा है। इस राशि वालों को काले तिल मिले जल से सूर्यार्घ देना चाहिए। सूर्य पूजन निम्न मंत्र के साथ करें। व सूर्य देव के निमित्त तिल के तेल का दीपक भी प्रज्वलित करें।
मंत्र- ॐ जयाय नम:
कुंभ- कुंभ राशि शनि का दूसरा घर है। इस राशि वालों को भी काले तिल मिले जल से सूर्यार्घ देना चाहिए। सूर्य पूजन निम्न मंत्र के साथ करें। व सूर्य देव के निमित्त तिल के तेल का दीपक भी प्रज्वलित करें।
मंत्र- ॐ सत्यानन्द-सर्वस्वरूपिणे नम:
मीन- लोटे के जल में तिल और केसर मिलाकर सूर्यार्घ दें। सूर्य देव का पूजन निम्न मंत्र के साथ करें।
मंत्र- ॐ भगवते नम:

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