मुख्यपृष्ठस्तंभक्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में सबसे बड़ा खौफनाक साइबर हमला!

क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में सबसे बड़ा खौफनाक साइबर हमला!

-२० मिनट के भीतर करीब ६.३ अरब डॉलर फुर्र!
-डिजिटल-वर्चुअल दुनिया में साइबर सुरक्षा पर सवाल
क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा और खौफनाक साइबर हमला हुआ है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज ‘बाइनेंस’ को निशाना बनाते हुए हैकरों ने महज २० मिनट के भीतर करीब ६.३ अरब डॉलर यानी लगभग ५९ हजार करोड़ रुपए की डिजिटल संपत्ति उड़ा ली है। इस अभूतपूर्व सेंधमारी ने डिजिटल करेंसी की सुरक्षा व्यवस्था पर अब तक का सबसे बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
क्रिप्टो बाजार का विश्लेषण करने वाली कंपनियों के अनुसार, इस दुस्साहसिक हमले के पीछे उत्तर कोरिया का ‘ट्रेड टेरर’ नामक कुख्यात हैकर समूह का हाथ बताया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हैकरों ने बाइनेंस के एक इंजीनियर के लैपटॉप को निशाना बनाया और उसकी सुरक्षा में सेंध लगाकर बिना अनुमति के डिजिटल संपत्तियों को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया। घटना के तुरंत बाद हड़कंप मच गया और बाइनेंस को अपने प्लेटफॉर्म पर पैसों के जमा और निकासी पर फौरन रोक लगानी पड़ी।
हालांकि, इस बड़ी आपदा के बीच राहत की बात यह रही कि बाइनेंस ने तत्परता दिखाते हुए अन्य क्रिप्टो एक्सचेंजों की मदद से लगभग ३ अरब डॉलर की रकम को समय रहते फ़्रीज करा लिया। कंपनी ने अपने करोड़ों निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है और ग्राहकों को हुए किसी भी वित्तीय नुकसान की भरपाई कंपनी खुद करेगी, जिसके लिए एक अरब डॉलर का सुरक्षा फंड भी बनाया गया है।
इस भयंकर साइबर हमले का असर तुरंत वैश्विक क्रिप्टो बाजार पर देखने को मिला। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत लुढ़ककर ७७ हजार डॉलर से नीचे आ गई, जो सितंबर के बाद इसका सबसे निचला स्तर है। बाइनेंस के दुनियाभर में ३० करोड़ से अधिक रजिस्टर्ड यूजर्स हैं, जिनमें भारत के भी लाखों निवेशक शामिल हैं। इस बड़ी घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल और वर्चुअल दुनिया में साइबर सुरक्षा कितनी बड़ी और संवेदनशील चुनौती बन चुकी है।

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