-मंत्री बावनकुले ने दी चेतावनी
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा में इन दिनों ‘डिजिटल डर’ का माहौल है। राज्य के राजस्व मंत्री व भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने एक चौंकानेवाला बयान देते हुए खुलासा किया कि पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के मोबाइल और व्हॉट्सऐप ग्रुप्स पर सर्विलांस की जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर किसी ने बगावत की तो बड़े नेताओं के लिए पार्टी के दरवाजे पांच सालों तक के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस बयान के बाद से भाजपा के अंदर हलचल मच गई है। साथ ही पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में गुस्से की लहर दौड़ पड़ी है। दूसरी तरफ आगामी चुनावों में टिकट न मिलने के कारण बगावत रोकने के लिए भाजपा द्वारा यह अनोखा तरीका अपनाया गया है, जिसने पार्टी के भीतर ही ‘वॉच लिस्ट’ का विवाद खड़ा कर दिया है।
भंडारा में दिवाली समारोह में राजस्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने पार्टी सदस्यों से आग्रह किया कि वे लापरवाही भरी टिप्पणियों या विद्रोही गतिविधियों से बचें, जिससे पार्टी की छवि और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। बावनकुले ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी के मोबाइल फोन और व्हॉट्सऐप ग्रुप निगरानी में हैं। आपके द्वारा बोले गए हर शब्द पर नजर रखी जा रही है। आपके फोन का एक भी गलत बटन अगले पांच साल बर्बाद कर सकता है। इस कार्यक्रम में पालकमंत्री पंकज भोयर समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल हुए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आगामी चुनावों में निष्ठा और अनुशासन महत्वपूर्ण होंगे।
दलबदल को रोकने का डिजिटल प्रयास
महाराष्ट्र लंबे समय से विलंबित स्थानीय निकाय चुनावों के लिए तैयारी कर रहा है, जिसमें मनपा, नपा, जिला परिषद और पंचायत समितियां शामिल हैं।
ओबीसी आरक्षण मुद्दे और वार्डों के परिसीमन के कारण वर्षों से स्थगित हो रहे इन चुनावों में राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की उम्मीद है।
चुनाव नजदीक आने के साथ बावनकुले जैसे नेता आंतरिक मतभेदों को कम करने और दलबदल को रोकने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि भाजपा एकजुट मोर्चे के साथ चुनाव में उतरे।
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के इस खुलासे ने न सिर्फ भाजपा के भीतरी असहमति का डर सामने लाया है, बल्कि पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं पर डिजिटल निगरानी के खतरनाक तरीके को भी उजागर किया है।
