मुख्यपृष्ठस्तंभ‘द ब्लैक डाहलिया'-१ : दो हिस्सों में कटा हुआ शरीर

‘द ब्लैक डाहलिया’-१ : दो हिस्सों में कटा हुआ शरीर

मनमोहन सिंह
लॉस एंजिल्स की सुबह हमेशा की तरह सुनहरी नहीं थी। जनवरी १९४७ की वह सुबह बेहद सर्द और कोहरे से भरी थी। लियोमर्ट पार्क के एक सुनसान मैदान में टहलती हुई एक महिला को दूर से लगा कि घास पर कोई पुतला गिरा हुआ है। लेकिन जैसे ही वह पास पहुंची, उसकी चीख हवा में तैर गई। वह कोई पुतला नहीं, बल्कि एक युवा महिला का शव था, जो बीच से दो हिस्सों में कटा हुआ था और उसके चेहरे पर कानों तक एक खौफनाक ‘ग्लासगो स्माइल’ (कृत्रिम मुस्कान) तराशी गई थी।
इस खौफनाक कत्ल ने पूरी एल.ए. पुलिस के होश उड़ा दिए। मृतका की पहचान हुई २२ वर्षीय एलिजाबेथ शॉर्ट के रूप में। काले घने बाल, गहरी आंखें और खुद को हमेशा सफेद फूलों और काले कपड़ों से सजाने वाली एलिजाबेथ। वह मैसाचुसेट्स के एक छोटे से शहर से हॉलीवुड के रूपहले पर्दे पर छा जाने का सपना लेकर आई थी। लेकिन हॉलीवुड के चमकीले रास्तों के पीछे छिपा अंधेरा उसे निगल चुका था।
अखबारों ने उसे नाम दिया, ‘द ब्लैक डाहलिया’। जांच शुरू हुई, तो पता चला कि एलिजाबेथ को आखिरी बार ९ जनवरी १९४७ को लॉस एंजिल्स के मशहूर ‘बिल्टमोर होटल’ के लॉबी में देखा गया था। वह किसी का इंतजार कर रही थी। चश्मदीदों के मुताबिक, उसने ब्लैक सूट पहना हुआ था और वह बेहद घबराई हुई लग रही थी। उस रात वह होटल से बाहर निकली और फिर कभी जिंदा नहीं देखी गई। वो ६ दिन कहां थी? वो किससे मिलने गई थी? पुलिस के पास सवालों का अंबार था, लेकिन जवाब एक भी नहीं। हॉलीवुड की चमचमाती लाइटों के पीछे एक ऐसा शिकारी छिपकर बैठा था, जिसने न सिर्फ कत्ल किया था, बल्कि पुलिस को चुनौती देने की तैयारी कर चुका था।

अन्य समाचार