सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य की महायुति सरकार में शामिल दोनों गुटों को भाजपा डिच्चू देने की तैयारी में है। इसके तहत मुंबई मनपा का चुनाव छोड़कर राज्य में बाकी स्थानीय निकायों के चनाव भाजपा अकेले ही लड़ेगी। यह बात खुद सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कही है।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा ने मुंबई में दोनों सहयोगी दलों शिंदे गुट और दादा गुट के साथ सत्ता साझा करने पर सहमति व्यक्त की है। लेकिन जहां तीनों की ताकत है, वहां साथ लड़ने से कोई फायदा नहीं होगा। हमें उन जगहों पर अलग-अलग लड़ना चाहिए।
तीनों सहयोगी दलों के बीच मुंबई को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ माने जाने वाले ठाणे को लेकर अभी कोई पैâसला नहीं हुआ है। फडणवीस ने कहा कि मुंबई में भले ही हम साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन ठाणे को लेकर पैâसला उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से पूछकर लिया जाएगा। अगर वह कहते हैं कि हम गठबंधन में लड़ेंगे, तो हम गठबंधन में लड़ेंगे, वरना हम अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे।
पुणे, पिंपरी-चिंचवड़, नवी मुंबई में अकेले लड़ेंगे
मुंबई में तो वे साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन पुणे महानगरपालिका चुनाव में महायुति के सहयोगी दल अलग-अलग मैदान में उतरेंगे। पुणे में दादा गुट भी मजबूत है तो दूसरी ओर भाजपा ने भी अपनी श्रेष्ठता दिखाई है। पुणे के साथ-साथ, महायुति के सहयोगी अजीत पवार का गढ़ माने जाने वाले पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका में भी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेंगे। नई मुंबई में भी ये तीनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी नजर आएंगी। इस बीच, देवेंद्र फडणवीस के बयानों से साफ है कि महायुति मुंबई को छोड़कर लगभग सभी महत्वपूर्ण महानगरपालिकाओं में स्वतंत्र चुनाव लड़ेगी।
