रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
चंद्रशेखर आजाद की फोटो तो सभी को चाहिए, लेकिन उनके जैसा बलिदान देने को कोई तैयार नहीं। आज देश को उन माताओं की जरूरत है, जो आजाद जैसे वीर सपूतों को जन्म दे सकें, क्योंकि मां ही हमारी नींव है। यह कहना है स्वतंत्रता सेनानी शहीद चंद्रशेखर आजाद के प्रपौत्र अमित आजाद तिवारी का।
श्री तिवारी “लक्ष्य आजाद” का संकल्प लेकर मुंबई दौरे पर आए हुए हैं। हिंदुस्तान की 1 लाख 80 हजार किलोमीटर की यात्रा कर मुंबई पहुंचे अमित आजाद तिवारी ने बताया कि मां ही हमारी नींव है। क्रांतिकारियों की नजर में पहले भारत माता, फिर अपनी मां होती थी। लेकिन आज न तो उस तरह की माताएं हैं और न ही युवाओं में उतना सामर्थ्य है।
उन्होंने कहा कि आज हमें गांव-गांव, स्कूल-स्कूल जाकर बच्चों में फिर से वही चेतना जागृत करनी होगी, जो देश की आजादी के लिए हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी (एचआरए) ने देखी थी। आज देश के युवाओं को चंद्रशेखर आजाद के उन संकल्पों को दोहराने की जरूरत है, जहां उन्होंने कहा था, “मैं आजाद हूं, आजाद था और आजाद रहूंगा।”
उनका कहना था कि इंग्लैंड के लोहे ने ऐसी कोई गोली नहीं बनाई, जो आजाद के सीने को छलनी कर सके।
