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दादा गुट का भाजपा से किनारा … अकेले लड़ेंगे तो फायदे में रहेंगे! …मनपा चुनाव को लेकर प्रफुल्ल पटेल की खरी-खरी

सामना संवाददाता / मुंबई
आगामी स्थानीय निकायों के चुनावों में महायुति में फूट अब साफ दिखाई देने लगी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों के स्थानीय नेताओं द्वारा अपनी ताकत पर चुनाव लड़ने के नारे के बाद अब दादा गुट ने भी भंडारा और गोंदिया इन दो जिलों में स्वबल का नारा दिया है। इन दोनों जिलों की सभी स्थानीय निकायों के चुनावों में दादा गुट स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगा।
प्रफुल्ल पटेल ने भंडारा में मीडिया से बातचीत में कहा कि स्थानीय निकायों के चुनाव महायुति ने अकेले दम पर लड़ने का विचार किया है। दादा गुट के राष्ट्रीय नेता प्रफुल्ल पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर जरूरत ना हो तो भाजपा की मदद ना लें। भाजपा से अलग होकर अकेले लड़कर भी हम ज्यादा मजबूत प्रदर्शन कर सकते हैं। कुछ–कुछ जगहों पर और यदि हमें संभव हुआ तो महायुति के दलों में गठबंधन हो सकता है क्योंकि सभी दलों में कार्यकर्ता बहुत उत्सुक होते हैं। कई साल बाद स्थानीय निकायों के चुनाव हो रहे हैं, ऐसे में इच्छुक उम्मीदवारों की संख्या भी बहुत अधिक होती है। सभी को न्याय देने के लिए सभी दलों ने ऐसा निर्णय लिया है। बता दें कि महायुति में बढ़ी दरार के बीच और भाजपा ने जहां खुद को अपने सहयोगी दलों से दूरी रखकर चुनाव लड़ने का मन बनाया है, वहीं अब दादा गुट ने भी भाजपा की नीतियों को देखते हुए खुद को दूर कर लिया है।
कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि तीनों दल एक साथ लड़ेंगे तो हम कार्यकर्ताओं के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कुछ अलग परिस्थितियां भी बन सकती हैं इसलिए वहां का निर्णय वहीं लेना पड़ता है। भंडारा और गोंदिया जिलों के चुनाव हम स्वबल पर ही लड़ रहे हैं। किसी जगह यदि समझौता करने की परिस्थिति आती है तो हम वैसा समझौता भी करेंगे।

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