मनमोहन सिंह
मौजूदा वक्त में पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर पीओके में एक जबरदस्त राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। इस बगावत के केंद्र में कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि वहां की ‘जेन-जी’ है। गंभीर आर्थिक बदहाली, बेकाबू महंगाई, आटे-बिजली के संकट और लगातार इंटरनेट सेंसरशिप से तंग आकर इन युवाओं ने सीधे सैन्य हुकूमत और आर्मी चीफ असीम मुनीर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पारंपरिक मीडिया पर कड़ी पाबंदियों के बावजूद, यह पीढ़ी टिक टॉक और एक्स और वीपीएन को अपना हथियार बनाकर बिना किसी मुख्य नेता के डिजिटल स्पेस में नया नैरेटिव सेट कर रही है और सड़कों पर उतरकर सत्ता को हिला रही है।
वैश्विक स्तर पर युवा शक्ति का प्रभाव
पाकिस्तान का यह युवा आंदोलन कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर स्थापित हो चुकी एक नई राजनीतिक प्रवृत्ति का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में, दुनिया के कई देशों में जेन जी ने अपनी डिजिटल एकजुटता और रणनीतिक प्रदर्शनों के दम पर न केवल सरकारों को झुकने पर मजबूर किया है, बल्कि कई ऐतिहासिक तख्तापलट भी किए हैं।
इसकी सबसे बड़ी मिसाल बांग्लादेश की ‘जुलाई क्रांति’ में देखने को मिली, जहां युवाओं के उग्र आंदोलन के कारण १५ साल से सत्ता पर काबिज शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा।
इसी तरह, नेपाल में युवाओं ने भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई और सरकार द्वारा पाबंदियां लगाने पर सड़कों को जंग का मैदान बना दिया, जिसके परिणामस्वरूप तत्कालीन सरकार को सत्ता गंवानी पड़ी।
श्रीलंका में आर्थिक संकट के दौरान ‘अरागालिया’ आंदोलन के तहत युवाओं ने राष्ट्रपति आवास पर कब्जा कर ताकतवर राजपक्षे परिवार के वर्चस्व को मटियामेट कर दिया।
अप्रâीका में भी केन्या के युवाओं ने बिना किसी नेता के केवल टिक टॉक के दम पर सरकार को नया टैक्स बिल वापस लेने पर मजबूर किया, जबकि मेडागास्कर में भी युवाओं ने महंगाई के खिलाफ आंदोलन चलाकर सरकार को भंग करवा दिया। इन आंदोलनों की खासियत इनका ‘लीडरलेस’ होना और सोशल मीडिया का सटीक इस्तेमाल है, जिसे दबाने में पारंपरिक व्यवस्थाएं नाकाम साबित हो रही हैं।
हिंदुस्थान का ‘कॉकरोच आंदोलन’
वैश्विक राजनीति के समानांतर, हिंदुस्थान में भी युवाओं की डिजिटल एकजुटता का अनोखा रूप ‘कॉकरोच आंदोलन’ के रूप में दिखा। नीट पेपर लीक को लेकर जेन-जी के इस बवाल ने सत्ता के नाकों चने चबवा दिए हैं।
