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खतरे में न्यायपालिका … सच बोलने पर मिली सजा! …यूपी में अब तो जज भी सुरक्षित नहीं

– संभल जज के ट्रांसफर पर योगी सरकार पर भड़का विपक्ष
संभल हिंसा मामले में जिस जज ने एफआईआर वाला पैâसला सुनाया था, उसका तबादला कर दिया गया। सीजेएम विभांशु सुधीर का ट्रांसफर सुलतानपुर किया गया। खास बात यह है कि विभांशु को सीजेएम से हटाकर सिविल जज (सीनियर डिविजन) पद दिया गया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उनका ट्रांसफर किया गया या डिमोशन? एक जज के तबादले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया। इस मामले को लेकर विपक्ष ने योगी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि यूपी में अब तो जज भी सुरक्षित नहीं हैं। संभल के जज के ट्रांसफर को लेकर विपक्षी दलों ने इसे न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि जिस तरह से जज का तबादला किया गया, उससे यह संदेश जाता है कि निष्पक्ष और सख्त पैâसले देने वाले जजों पर दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि सरकार न्याय व्यवस्था में दखल दे रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों ने योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अगर जज ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता को न्याय वैâसे मिलेगा। वहीं सरकार की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जजों के तबादले एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। बता दें कि सीजेएम विभांशु सुधीर ने एएसपी और संभल के पूर्व सीओ अनुज चौधरी समेत २० पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आदेश दिया था। इसके बाद ही तबादला वाला आदेश आया। सीजेएम विभांशु ने शाही मस्जिद बवाल मामले में सख्ती दिखाते हुए अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद यह मामला सियासी रूप से और गरमा गया। सीजेएम कोर्ट ने ९ जनवरी को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था।

सत्य स्थानांतरित नहीं होता
इस पूरे माममले में अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया आई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सत्य स्थानांतरित नहीं होता, उसका स्थान अचल है। न्यायपालिका की स्वतंत्रता का हनन सीधे-सीधे लोकतंत्र का हनन है। स्वतंत्र न्यायपालिका ही संविधान की अभिभावकीय सुरक्षा कर सकती है।

`योगी जब-जब डरता है पुलिस को आगे करता है!’
सीजेएम विभांशु चौधरी के ट्रांसफर पर अब संभल कोर्ट के बाहर वकीलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। नाराज वकीलों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की है। वकीलों के प्रदर्शन के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। नाराज वकील नारे लगा रहे हैं, `योगी जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है। गुंडागर्दी नहीं चलेगी। तानाशाही नहीं चलेगी। सीजेएम साहब को वापस लाओ।’ वकीलों का आरोप है कि निष्पक्ष पैâसले लेने वाले जज को हटाया गया है। यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।

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