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बाजार की सांस अटकी!

 लगातार आठवें सप्ताह गिरावट
 २५ साल का सबसे लंबा नुकसान का सिलसिला
 विदेशी निवेशकों की निकासी रिकॉर्ड स्तर पर
सामना संवाददाता / मुंबई
भारतीय शेयर बाजार की कमजोरी अब सामान्य उतार-चढ़ाव से आगे निकल चुकी है। निफ्टी और सेंसेक्स ने लगातार आठवां सप्ताह गिरावट में बंद किया, जो २५ वर्षों में सबसे लंबा साप्ताहिक नुकसान सिलसिला है। आठ सप्ताह में निफ्टी करीब ८.७ प्रतिशत और सेंसेक्स ८.४ प्रतिशत टूट चुका है। इस सप्ताह निफ्टी ३.१ प्रतिशत और सेंसेक्स २.७ प्रतिशत नीचे रहा। सबसे बड़ा दबाव विदेशी निवेशकों की निकासी से आया है। २०२६ में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से रिकॉर्ड २७.८ अरब डॉलर निकाल चुके हैं। इसी दौरान ब्रेंट कच्चा तेल १०० डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है और अमेरिकी १०वर्षीय बॉन्ड प्रतिफल २००७ के बाद के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। ऊंचा अमेरिकी प्रतिफल उभरते बाजारों से पूंजी खींचता है। गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। १६ प्रमुख क्षेत्रों में से १५ ने साप्ताहिक नुकसान दर्ज किया। मिडवैâप ३.६ प्रतिशत और स्मॉलवैâप ३.४ प्रतिशत टूटे, जबकि वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ क्षेत्र पर भी भारी दबाव रहा। अब सवाल सिर्फ सेंसेक्स-निफ्टी का नहीं है। लगातार विदेशी निकासी रुपये, म्यूचुअल फंड निवेश और घरेलू निवेशकों के भरोसे पर भी दबाव बढ़ा सकती है।
मिडकैप-स्मॉलकैप में भी तेज गिरावट
बाजार की गिरावट का असर केवल सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रहा। मिडवैâप सूचकांक ३.६ प्रतिशत और स्मॉलवैâप ३.४ प्रतिशत टूटे। १६ प्रमुख क्षेत्रों में से १५ में साप्ताहिक नुकसान दर्ज हुआ। वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में भी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया।a

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