मुख्यपृष्ठनए समाचारनैनी स्टेशन के नामपट से गायब हुई मात्रा...जिम्मेदारों की नजर बेखबर!.. मुख्य...

नैनी स्टेशन के नामपट से गायब हुई मात्रा…जिम्मेदारों की नजर बेखबर!.. मुख्य प्रवेश द्वार पर अधूरा दिख रहा ‘नैनी स्टेशन’ का नाम

राजेश सरकार / प्रयागराज

यमुना पार के बेहद महत्वपूर्ण नैनी जंक्शन की पहचान बताने वाला मुख्य प्रवेश द्वार ही रेलवे की अनदेखी का शिकार हो गया है। स्टेशन के प्रवेश द्वार संख्या-2 पर लगे बड़े नाम-पट पर ‘नैनी स्टेशन’ का नाम अब अधूरा नजर आ रहा है। नाम में एक मात्रा गायब होने से रेलवे की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नैनी रेलवे स्टेशन यमुनापार के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रेल केंद्र है। यहां से देश के विभिन्न प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनों का आवागमन होता है। ऐसे महत्वपूर्ण स्टेशन के मुख्य द्वार पर लगा नाम-पट यदि लंबे समय तक टूटा अथवा अधूरा पड़ा रहे तो यह रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर ही सवालिया निशान है। उपलब्ध रेल-सूचनाओं में नैनी स्टेशन का कोड एनवाईएन और उत्तर मध्य रेलवे से संबद्धता दर्ज है।
‘विकास’ के दावों के बीच छोटी-सी मरम्मत भी भारी?
तस्वीर में साफ दिखाई दे रहा है कि प्रवेश द्वार संख्या-2 के नाम-पट पर ‘नैनी स्टेशन’ का नाम पूरा नहीं है। बताया जा रहा है कि नाम-पट से गायब हुआ अक्षर संभवतः गिर गया है, लेकिन अब तक उसे दुरुस्त नहीं कराया गया। सवाल यह है कि रोजाना यात्रियों की आवाजाही वाले इस महत्वपूर्ण स्टेशन पर अधिकारियों और कर्मचारियों की नजर इस खामी पर क्यों नहीं पड़ी? रेलवे लगातार स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर करने की दिशा में काम करने का दावा करता है। ऐसे में मुख्य प्रवेश द्वार पर स्टेशन का नाम ही टूटा-अधूरा दिखाई देना ‘रेलवे की छोटी-सी लापरवाही, बड़ी पहचान पर भारी’ जैसी स्थिति पैदा कर रहा है। उत्तर मध्य रेलवे ने हाल में प्रयागराज मंडल के स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और पहुंच व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए भी परियोजनाएं आगे बढ़ाई हैं।
स्थानीय यात्रियों की मांग है कि रेलवे अधिकारी तत्काल नाम-पट का निरीक्षण कर गायब मात्रा को लगवाएं और मुख्य प्रवेश द्वार की पहचान को फिर से व्यवस्थित करें। आखिर देशभर से आने-जाने वाले यात्रियों के सामने नैनी स्टेशन की पहली तस्वीर ही यदि अधूरी हो तो यह रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अन्य समाचार