सामना संवाददाता / मुंबई
बिहार के जमुई में बाइक से जा रहे युवक-युवती को रास्ते में रोककर उनके साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस घटना को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महिला प्रदेशाध्यक्ष रोहिणी खडसे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार और कथित ‘संस्कृति रक्षकों’ भाजपा पर निशाना साधा है। रोहिणी खडसे ने कहा कि जमुई का वीडियो बेहद विचलित करने वाला और गुस्सा दिलाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की के साथ तथाकथित संस्कृति रक्षकों ने बेहद आपत्तिजनक व्यवहार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इन लोगों को कानून का डर क्यों नहीं है?
अंधभक्तों की जमात
बढ़ती जा रही है
रोहिणी खडसे ने अपने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अंधभक्तों की जमात है और यह जमात लगातार बढ़ती जा रही है। इन्हें बढ़ावा कौन दे रहा है?’ उन्होंने सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने महाराष्ट्र की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार सिंहगढ़ पर आठ साल की बच्ची के कपड़ों को लेकर तथाकथित संस्कृति रक्षकों ने उसके पिता से विवाद किया और उनके साथ मारपीट की थी।
खडसे ने सवाल उठाया कि क्या अब लोगों को कानून का कोई भय नहीं रह गया है? उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसे तत्वों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
भाजपा राज में कानून का डर खत्म हो गया है। ये अंधभक्तों की जमात है। आखिर इन गुंडों को बढ़ावा कौन दे रहा है।
कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
रोहिणी खडसे ने कहा कि किसी के पहनावे, निजी जीवन या आने-जाने के आधार पर सड़क पर लोगों को रोकना, उनके साथ अभद्रता करना या कानून अपने हाथ में लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में केवल बयानबाजी करने के बजाय दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
