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लोकतंत्र को खत्म करने का औजार है एसआईआर…आडवाणी को नोटिस देने पर भड़के खड़गे

-मोदी सरकार एवं चुनाव आयोग पर बोला तीखा हमला

सामना संवाददाता / नई दिल्ली
दिल्ली में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की प्रक्रिया चल रही है? एसआईआर के दौरान कई बड़े लोगों को नोटिस भेजा गया है, जिसमें पूर्व उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई लोग शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मतदाताओं की तरफ से जमा कराए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ विसंगतियां मिलने के बाद ये नोटिस जारी किए गए हैं। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। खड़गे ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि एसआईआर सिर्फ बीजेपी द्वारा वोट चोरी और लोकतंत्र को खत्म करने का औजार नहीं है, बल्कि ये एक फ़ैकनस्टीन राक्षस है, जिसने अब उसी के लोगों को फंसा दिया है।
खड़गे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा है कि बिहार से शुरु हुआ एसआईआर अब जब दिल्ली में दस्तक दे चुका है, ऐसे में अब सत्ताधीशों को पता चल रहा है कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे प्रोसेस को पहले दिन से त्रुटिपूर्ण क्यों कह रही थी। बंगाल में जिन लोगों के नाम काटकर उन्हें वोट देने से रोका गया, उनमें अब तक पैâसला हुए मामलों में ९३ फीसदी लोग अपनी अपील जीत गए यानी १,१३,९४३ लोगों को फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर किस आधार पर उनका मताधिकार छीना गया?
एसआईआर सिर्फ बीजेपी द्वारा वोट चोरी और लोकतंत्र को खत्म करने का औजार ही नहीं है बल्कि ये एक फ़ैकनस्टीन राक्षस है, जिसने अब उसी के लोगों को फंसा दिया।’

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