छात्र संगठन एबीवीपी के अभ्यास वर्ग में ‘गुरुमंत्र’
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
कुशनगरी सुल्तानपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का तहसील अभ्यास वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, सिरवारा में सम्पन्न हुआ। अभ्यास वर्ग का विधिवत शुभारंभ प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश, जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, तहसील सह-संयोजक आदर्श एवं विभाग संगठन मंत्री कौतुक द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
प्रस्ताविकी एवं सैद्धान्तिकी सत्र को संबोधित करते हुए प्रांत उपाध्यक्ष ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का विराट अभियान है। परिषद विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और नेतृत्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि परिषद का मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है। यदि छात्र शक्ति जागृत होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली बनता है। अभाविप विद्यार्थियों को केवल अधिकारों के लिए संघर्ष करना नहीं सिखाती, बल्कि कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी बनाती है।
उन्होंने कहा कि अभाविप का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है, जो शिक्षा में उत्कृष्ट, समाज के प्रति संवेदनशील और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले हों। भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पश्चिमी अन्धानुकरण से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
कार्य पद्धति सत्र को संबोधित करते हुए विभाग संगठन मंत्री कौतुक ने कहा कि परिषद की कार्यपद्धति सामूहिकता, अनुशासन और निरंतर सक्रियता पर आधारित है। संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है तथा नियमित संवाद, अभ्यास वर्ग और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से संगठन को सशक्त बनाया जाता है।
आयाम कार्य सत्र को संबोधित करते हुए जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय ने कहा कि अभाविप शिक्षा, सेवा, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे विविध आयामों पर कार्य कर रही है। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करना है।
सदस्यता सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. विवेक सिंह ने कहा कि परिषद की सदस्यता केवल संगठन से जुड़ना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक संख्या में परिषद से जुड़कर छात्रहित एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया।
समारोप सत्र को संबोधित करते हुए विभाग संगठन मंत्री कौतुक ने कहा कि परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ कार्य करता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
