अमित बघेल के पोस्टर पर जूता मारा, गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये इनाम की घोषणा
अनिल मिश्रा / उल्हासनगर
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल द्वारा सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के प्रति की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को उल्हासनगर में सिंधी समाज ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर के गोल मैदान से झूलेलाल मंदिर तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में नागरिक, युवक और महिलाएं शामिल हुईं।
यह रैली गोल मैदान स्थित भगवती नवानी स्टेज से प्रारंभ होकर नेहरू चौक, सिरू चौक होते हुए झूलेलाल मंदिर पर समाप्त हुई। रैली के दौरान सिंधी समाज के लोगों ने “भगवान झूलेलाल की जय” और “अमित बघेल मुर्दाबाद” के नारे लगाए। कई युवाओं ने अमित बघेल के पोस्टर पर जूते मारे और उन्हें जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह अपमान केवल सिंधी समाज का नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का भी अपमान है।
विरोध रैली का आयोजन सिंधी पत्रकार संगठन और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने संयुक्त रूप से किया था। रैली में शहर के अन्य समुदायों के लोगों ने भी हिस्सा लेकर सिंधी समाज के साथ एकजुटता दिखाई।
आक्रोश रैली में संत साई लीलाराम, संत रिंकू भाई साहब, वंसंत शाह दरबार के संत काली साई, संत दीपक सिरवानी, दिलीप मिश्रा (उभाठा) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, व्यापारी, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता सत्यम पूरी ने कहा कि भगवान झूलेलाल का अपमान असहनीय अपराध है और सरकार को दोषी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि अमित बघेल की गिरफ्तारी कराने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम स्वयं छत्तीसगढ़ जाकर देंगे।
शहर में इस घटना को लेकर सिंधी समाज में गहरा रोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन और व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।
