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अवैध गैस सिलिंडर की कालाबाज़ारी करने वाले से आपूर्ति विभाग ने 52 गैस सिलिंडरर किया जब्त…अवैध गैस भराई से कभी भी हो सकता था विस्फोट

राधेश्याम सिंह / नालासोपारा

वसई-विरार शहर में घरेलू गैस सिलिंडरों का अवैध व्यापार जोर पकड़ता जा रहा है। हाल ही में वसई-पश्चिम के राजोडी इलाके में स्थित एक अस्तबल (घोड़े के तबेले) में घरेलू गैस से व्यावसायिक सिलिंडर भरने का मामला सामने आया है। इस छापेमारी में आपूर्ति विभाग ने कुल 52 गैस सिलिंडर जब्त किए हैं। जैसे-जैसे वसई-विरार क्षेत्र में जनसंख्या बढ़ रही है, वैसे ही गैस सिलिंडरों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। खासकर घरेलू गैस के साथ-साथ व्यावसायिक गैस सिलिंडर की भी मांग बढ़ी है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग इन्हें ऊंचे दामों पर अवैध रूप से बेच रहे हैं, आपूर्ति विभाग को राजोडी स्थित सहारा जीवन केंद्र के सामने के एक तबेले में गैस सिलिंडरों के अवैध भरण की जानकारी मिली थी। विभाग ने छापेमारी की, जिसमें यह खुलासा हुआ कि घरेलू गैस को व्यावसायिक सिलिंडरों में भरकर कालाबाजार में बेचा जा रहा है, नालासोपारा की दो गैस एजेंसियों में डिलिवरी का काम करने वाले क्षत्रगुण वाघमोडे और अमोल हाके नामक दो कर्मचारियों ने 52 घरेलू सिलिंडर ग्राहकों को वितरित करने के लिए लिए थे, लेकिन उन्होंने यह सिलिंडर वितरित करने की बजाय, उनमें से गैस निकालकर व्यावसायिक सिलिंडरों में भर दी और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की कोशिश की, इस कार्रवाई में कुल 6.33 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है, जिसमें 52 गैस सिलिंडर, इलेक्ट्रिक वेटिंग मशीन, इलेक्ट्रिक मोटर, रबड़ की पाइप और एक पिकअप टेंपो शामिल है, इस मामले में अर्नाला सागरी पुलिस स्टेशन में बीएनएस अधिनियम 2023 की धारा 287 और 288, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 तथा एलपीजी (वितरण एवं आपूर्ति नियम) 2000 की धारा 3, 4, 5, 6 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय पाटील ने जानकारी दी कि मामले की जांच जारी है। डिलिवरी कर्मचारी मोटर और गैस पाइप की मदद से एक सिलिंडर से गैस निकालकर उसे दूसरे व्यावसायिक सिलिंडर में भरते थे। घरेलू गैस सिलिंडर (14.2 किग्रा) से गैस निकालकर 19 किग्रा के व्यावसायिक सिलिंडरों में भरकर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। इससे विस्फोट का गंभीर खतरा भी बना रहता है, लगातार बढ़ती गैस कीमतों से पहले ही आम जनता परेशान है। ऊपर से इस तरह के कालाबाजारी से ग्राहकों को और अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। गैस की मात्रा में हेराफेरी कर उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। नागरिकों की मांग है कि ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए और दोषियों को कठोर सजा दी जाए। सूत्रों के अनुसार, गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी में मुख्यतः तीन पक्ष शामिल होते हैं-1. मुख्य वितरक, 2. ग्राहक और 3. गैस वितरक कर्मचारी, कुछ ग्राहक ऐसे भी होते हैं, जिनके नाम पर 3-4 सिलिंडर होते हैं, लेकिन वे सभी का उपयोग नहीं करते। ऐसे सिलिंडर वितरण कर्मियों द्वारा अवैध रूप से उठाकर बाजार में बेचे जाते हैं। ग्राहकों को यह भी अनुभव हुआ है कि डिलिवरी कर्मचारी जानबूझकर कहते हैं, “नंबर आने पर आए थे, लेकिन घर बंद था, अब 2-3 दिन बाद मिलेगा, जबकि सच्चाई कुछ और ही होती है।

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