सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा चुनाव ने राज्य में सत्ताधारी महायुति के भीतर जबरदस्त राजनीतिक टकराव पैदा कर दिया है। खासकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच ज्यादा मतभेद नजर आ रहे हैं। ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में जहां शिंदे गुट और भाजपा साथ मिलकर चुनावी मैदान में हैं, वहीं नई मुंबई, उल्हासनगर और मीरा-भायंदर में दोनों दल आमने-सामने हैं। खास तौर पर नई मुंबई में भाजपा के वरिष्ठ नेता और वन मंत्री गणेश नाईक तथा शिंदे गुट के नेताओं के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई है। दोनों के बीच महासंग्राम मचा हुआ है।
शिंदे गुट के हमलों का जवाब देते हुए गणेश नाईक ने एक कार्यक्रम में दो टूक शब्दों में कहा कि राजनीति में उम्र नहीं, काम और अनुभव मायने रखता है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए कि व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करने वालों के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है, इसलिए वे स्तरहीन बयानबाजी पर उतर आए हैं। मुझे अगर भाजपा के शीर्ष नेताओं का आदेश मिले तो शिंदे की दोनों टांगे ऊपर कर दूं। बता दें कि नई मुंबई में अब मुकाबला सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। भाजपा और शिंदे गुट के बीच चल रही यह आक्रामक बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है, जिससे महानगरपालिका चुनाव का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। बता दें कि शिंदे गुट के नेता लगातार गणेश नाईक की उम्र को लेकर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं।
नई मुंबई में मचा महासंग्राम
हाल ही में शिंदे गुट के सांसद नरेश म्हस्के ने बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि ‘साठी की बुद्धि, नाठी’ यानी उम्र बढ़ने के साथ समझ खत्म हो जाती है। यही नहीं, उन्होंने यह भी तंज कसा कि गणेश नाईक क्या बोलते हैं, यह उन्हें खुद नहीं पता। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और ज्यादा गरमा गया। इससे पहले गणेश नाईक ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पद को ‘लॉटरी’ करार दिया था, जिसके बाद शिंदे गुट ने तीखी प्रतिक्रिया दी। अब नई मुंबई मनपा चुनाव प्रचार के दौरान शिंदे गुट के नेता बार-बार गणेश नाईक की उम्र का मुद्दा उछाल रहे हैं।
