उमेश गुप्ता/वाराणसी
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने शनिवार को वाराणसी स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “मोदी-योगी सरकार के नौ-दस साल के शासनकाल में पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचारों की घटनाओं में भयावह वृद्धि हुई है। यह तथाकथित ‘अमृत काल’ नहीं, बल्कि ‘अत्याचारकाल’ बन गया है। केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश कि योगी सरकार का एक मात्र लक्ष्य मंहगाई, भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों को बढ़ाना है। देश के हालात यह हैं कि आम आदमी सोने को बेचकर पर्व मनाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहाकि लोक आस्था के पर्व छठ वा माताएं ,बहनें निर्जला होकर छत्तीस घंटे का व्रत रखती हैं । सरकार ने घाटों कि साफ सफाई और गंगा में पानी के निर्बाध प्रवाह कि कोई सुचारु व्यस्था नहीं की। हर तरफ गंदगी है। इस सरकार का सारा ध्यान सिर्फ जनता को लूटने पर है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग सबका साथ, सबका विकास का नारा देकर सत्ता में आए थे, वे आज सबका शोषण और सबका उत्पीड़न करने में लगे हैं। समाज के हाशिये पर खड़े लोगों को अपमान और अमानवीयता का दंश झेलना पड़ रहा है। भाजपा और संघ की सोच में दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक आज भी दूसरे दर्जे के नागरिक माने जाते हैं। अजय राय ने कहाकि बिहार में एनडीए और नीतीश सरकार ने सिर्फ शराब तस्करी का रोजगार दिया दिया है। आज बिहार के किसान, युवा, दलित, पिछड़े वर्ग के लोग नीतीश सरकार के कुशासन से आजिज आ चुके हैं। बिहार की जनता पूर्ण रूप से बदलाव का मन बना चुकी है।
अजय राय ने एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि “रिपोर्ट में साफ़ लिखा है कि एससी/एसटी के खिलाफ अपराधों में सबसे ज्यादा वृद्धि उत्तर प्रदेश में हुई है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि मोदी-योगी सरकार की मानसिकता का प्रमाण है। अगर सरकार को सच में समाज के वंचित तबके की चिंता होती, तो ऐसी भयावह स्थिति कभी नहीं बनती।
