-सिक्योरिटी पर उठा सवाल, पुलिस थी गायब
सामना संवाददाता / मुंबई
मराठा समाज के लिए आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटील मुंबई के आजाद मैदान में अनशन पर बैठे हैं। इसी बीच उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शनिवार रात करीब २ बजे एक संदिग्ध व्यक्ति जरांगे पाटील के स्टेज तक पहुंच गया और वीडियो रिकॉर्ड करने का नाटक करने लगा। जरांगे पाटील का ध्यान जब उस पर गया तो उन्होंने तुरंत कार्यकर्ताओं से उसे हटाने के लिए कहा। वह अज्ञात व्यक्ति शराब के नशे में धुत था। वहां मौजूद लोगों ने उसे हटाया। इस घटना से जरांगे पाटील की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। मराठा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जरांगे पाटील के आंदोलन से सरकार चिंता में है, ऐसे में किसी भी तरह के साजिश के तहत वह कुछ भी कर सकती है।
इस पूरी घटना के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी मंडप में मौजूद नहीं था। जरांगे पाटील ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि पुलिस आखिर है कहां? घटना के बाद भी पुलिसकर्मी मंडप के पास नहीं पहुंचे। इससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ जारी है और जरांगे पाटील की सुरक्षा को लेकर पुलिस पर दबाव बढ़ गया है।
शनिवार को दिनभर मराठा आंदोलनकारी दक्षिण मुंबई के अलग-अलग हिस्सों में जाते हुए देखे गए। किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो, इसके लिए मंत्रालय से लेकर एयर इंडिया सिग्नल तक पूरे रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस को आशंका है कि आंदोलनकारी मंत्रियों के बंगलों की ओर भी जा सकते हैं।
‘बकबक करनेवाले चंद्रकांत पाटील को अक्ल नहीं!’
महायुति सरकार के मंत्रियों के बड़बोलेपन से परेशान मराठा नेता मनोज जरांगे पाटील ने राज्य के वरिष्ठ मंत्री चंद्रकांत पाटील को जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने कहा की बकबक करनेवाले चंद्रकांत पाटील को अक्ल नहीं है। उनकी शरारत के चलते ही मराठा युवाओं को वैलिडिटी जांच के दौरान मुसीबत का सामना करना पड़ा था।
