राजेश सरकार / प्रयागराज
नैनी सब्जीमंडी के सामने इलाहाबाद-मिर्जापुर हाइवे पर वाहन खड़ा कर फल और सब्जियां खरीदने वालों से यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। रोजाना सुबह-शाम भयानक जाम लग रहा है। ट्रैफिक सिस्टम को फेल करने वाले ऐसे खरीदारों से कैसे और कौन निपटे? यह सवाल आज तक बना हुआ है। नगर निगम की ओर से हर माह अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर फल-ठेलिया वालों को फुटपाथ से हटाया जाता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वाहनों को हाइवे से दूर लेजाकर खड़ा करें, लेकिन इसका असर कुछ देर ही रहता है। फिर हाइवे पर वाहनों की कतार लग जाती है। फल-ठेलिया वाले फुटपाथ घेर लेते हैं।
निगम और पुलिस स्टाफ बेखबर
सब्जीमंडी के बगल में ही नैनी पुलिस चौकी और नगर निगम का क्षेत्रीय दफ्तर है। यहां तैनात स्टॉफ फल और ठेलिया लगाने वालों को नहीं छेड़ता। वजह साफ है। इसलिए भी जाम लगने का प्रभाव इनपर नहीं पड़ता। अलबत्ता आम जनता जाम में जूझती, परेशान होती है। सब्जीमंडी के बाहर नगर निगम की काफी भूमि है, जहां खान-पान और फल-सब्जियों के ठेले लगाए जाते हैं और जगह कम पड़ने पर कई ठेले हाइवे फुटपाथ पर लगा दिए जाते हैं। स्थिति उस वक्त बिगड़ जाती है, जब खरीददारी करने वाले अपने वाहन हाइवे पर खड़ा कर सब्जीमंडी का चक्कर लगाते रहते हैं। सुबह दस से देर शाम तक इधर से गुजरना मुनासिब नहीं होता।
नियमित नियंत्रण की जरूरत
सब्जीमंडी पर वर्तमान में गोल चौराहा बनाया जाना जरूरी हो चला है। डिवाइडर बने हैं, लेकिन इससे ट्रैफिक कंट्रोल नहीं हो रहा है। चौराहा बनाकर ट्रैफिक बूथ स्थापित किया जाना यहां बेहद जरूरी है, ताकि जाम पर नियंत्रण हो सके। इसके अलावा हाइवे पर वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
साफ-सफाई भी जरूरी
सब्जीमंडी के आस-पास कूड़ा डंप करने की व्यवस्था की गई है, लेकिन नियमित साफ-सफाई और गमकसिन पाउडर का छिड़काव नहीं होता है। छुट्टा मवेशी यहां चरते रहते हैं और सब्जी लगाने वाले इनको हांकते हैं तो सड़क पर तेजी से भागते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। नियमित साफ-सफाई बहुत ही जरूरी है। लोग कूड़ा डंप वाली जगह पर पेशाब करते हैं, जिससे यहां बराबर सड़ांध व दुर्गंध फैली रहती है।
शौचालय पर लगा रहता है ताला
सब्जीमंडी के बगल पुलिस चौकी है और इससे सटा बेहतर शौचालय है, जहां अक्सर ताला लगा रहता है। यहां पर तैनात कर्मचारी ड्यूटी पर कब आता है और कब चला जाता है। कुछ पता नहीं चलता।
