मुख्यपृष्ठस्तंभउड़न छू: मोदीजी को दोष न दें!

उड़न छू: मोदीजी को दोष न दें!

अजय भट्टाचार्य

अपन पहली बार कह रहे हैं कि हर चीज के लिए मोदीजी को दोष देना बंद करो। पेट्रोल-डीजल-गैस के दाम बढ़ने के लिए ईरान में युद्ध जिम्मेदार है। मोदीजी नहीं। वे तो हमेशा सबको कोई जादुई झप्पी देकर शांति का संदेश देते रहते हैं। आईटी सेक्टर में बहुत सारी नौकरियां कम होने के लिए एआई जिम्मेदार है, जो मोदीजी नहीं लाए।
मोदीजी ने नीट का पेपर नहीं फाड़ा। अगर धर्मेंद्र प्रधान को भी हटा दिया जाए, तो फटा हुआ पेपर मेल नहीं करेगा। मोदीजी ने कभी यह नहीं कहा कि परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए पेपर खरीदो। वे परीक्षा पर चर्चा में परीक्षा की तैयारी संबंधी जानकारी देते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपया गिरने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्थितियां जिम्मेदार हैं। इसमें प्रधानमंत्री की कोई गलती नहीं है। अगर आपको यह आसान सी जानकारी भी नहीं है, तो थोड़ा अर्थशास्त्र पढ़िए। २०१३-१४ में रुपया एक कमजोर प्रधानमंत्री की वजह से गिरता था! आप तो एल नीनो के लिए भी मोदीजी को जिम्मेदार ठहराएंगे। मोदीजी ने हमसे धूप में खूब पानी पीने, दूसरों को पिलाने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए कहकर क्या गलत किया? पीने का पानी हर जगह मिलता है, भले बीस मीटर नीचे उतरकर लाना पड़े! सभी डाइटीशियन फीस लेने के बाद बताते हैं कि तेल कम खाएं। अगर मोदीजी ने तो मुफ्त में यह सलाह दी। यही बात ऑर्गेनिक खाद के साथ भी सच है। रासायनिक खाद से उगाई गई सब्जियों के बहुत स्वादिष्ट होने जैसी कोई बात नहीं है। मोदीजी ने किसानों से ऑर्गेनिक खाद इस्तेमाल करने के लिए कहा तो क्या गलत था?
हमारा देश प्रति व्यक्ति आय में बांग्लादेश से पीछे हो गया है, इसीलिए कई लोग सियापा करते हुए दिखे। अब आप गरीब हो गए हैं, क्या यह मोदीजी की गलती है? देश में अडानी को देखो, कुछ फर्क पड़ा उस पर! हमारा देश प्रेस प्रâीडम इंडेक्स में भी बहुत पीछे रह गया है। पता नहीं क्यों मीडिया को वह आजादी नहीं मिलती, जबकि उसे सरकार की जी-भरकर तारीफ करने की आजादी है। मुगलों, फिर अंग्रेजों और फिर नेहरू के राज में देश को जो तरफदारी की आदत लगी थी, वह अब भी नहीं जा रही है। अगर आप अपनी जिंदगी में नाकामी का सामना कर रहे हैं, अगर चीजें आपकी मर्जी के मुताबिक नहीं हो रही हैं, तो यह आपकी गलती है। किसी और की नहीं। उनका काम चुनाव जीतना है। वह आपको आपकी जिंदगी में कभी जीतने नहीं देंगे।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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