सूरज सिंह
– शाहरुख खान की फिल्म से मिला नाम
– छोटा राजन का दाहिना हाथ बना विजय कुमार यादव
बॉलीवुड अक्सर जिंदगी को प्रेरणा देता है, लेकिन कभी-कभी यही प्रेरणा अपराध की दुनिया में भी उतर जाती है। शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म बाजीगर ने एक युवक को ऐसा प्रभावित किया कि उसने न सिर्फ़ अपना नाम बदला, बल्कि अपनी पूरी पहचान ही अपराध की दुनिया में गढ़ ली। यही कहानी है विजय कुमार यादव की, जो आगे चलकर अंडरवर्ल्ड में विक्की मल्होत्रा के नाम से कुख्यात हुआ।
चार करोड़ की रंगदारी और पुलिस की चाल
सन २००४ में छोटा राजन गैंग का ख़ास सदस्य बन चुका विक्की मल्होत्रा बैंकॉक से इंदौर के एक बड़े शराब व्यापारी को फोन करता है। चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जाती है और न देने पर अपहरण की धमकी दी जाती है। घबराया व्यापारी तुरंत इंदौर पुलिस से संपर्क करता है। इंदौर पुलिस ने वह मोबाइल नंबर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया और नंबर को निगरानी पर डाल दिया गया। यही छोटी-सी चूक आगे चलकर विक्की के पतन की वजह बनी।
एक सिम कार्ड और अपराध की दुनिया का अंत
सन २००५ में जब विक्की हिंदुस्थान लौटा, तो मुंबई एयरपोर्ट पर उतरते ही उसने वही पुराना सिम कार्ड इस्तेमाल कर लिया, जिससे वह इंदौर के व्यापारी को धमका चुका था। बस यही पल निर्णायक साबित हुआ। मुंबई पुलिस सतर्क हो गई। विक्की जैसे ही अगली फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इंदौर में दर्ज मामले के चलते उसे पूछताछ के लिए वहां लाया गया।
इस पूरे प्रकरण का विस्तृत उल्लेख मध्य प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने अपनी किताब ‘शैकल द स्टॉर्म’ में किया है।
विक्की से पूछताछ के दौरान किसी भी तरह की थर्ड डिग्री का इस्तेमाल नहीं किया गया। मैंने उससे पूछा कि क्या खाओगे? उसने कहा—इडली।
मैंने शराब ऑफर की, उसने मना कर दिया।
मैंने पूछा—परिवार से मिलना चाहोगे? और जब उसने हां कहा, तो उसकी पत्नी और बेटे को इंदौर बुलवाया गया।’
शैलेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, एक दिन चाय पीते वक्त विक्की भावुक हो उठा। वह उनके कंधे पर सिर रखकर रो पड़ा और फिर उसने अपने आपराधिक जीवन की परतें खोलनी शुरू कर दीं—रंगदारी, अंडरवर्ल्ड ऑपरेशन और छोटा राजन गैंग के अंदरूनी राज।
बाजीगर फिल्म से मिला नाम विक्की ने खुद बताया कि मुंबई में एक ज्वेलरी शॉप से हीरे चोरी करने के बाद वह दोस्तों के साथ शाहरुख खान की फिल्म बाजीगर देखने गया था।
फिल्म में शाहरुख का नाम था—विक्की मल्होत्रा।
तभी मेरे दोस्तों ने मेरा नाम विजय कुमार यादव से बदलकर विक्की मल्होत्रा रख दिया। मुर्शिदाबाद से मुंबई और फिर अंडरवर्ल्ड
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से निकला विजय कुमार यादव बचपन में छोटे-मोटे अपराध करता था। मुंबई आने के बाद उसकी मुलाकात ‘नाना’ उर्फ़ छोटा राजन से हुई और धीरे-धीरे वह गैंग का भरोसेमंद और दाहिना हाथ बन गया!
विक्की मल्होत्रा की कहानी सिर्फ एक अपराधी की नहीं, बल्कि उस भ्रम की है जहां सिनेमा की चमक और अपराध की ताकत ने एक युवक को अंधेरे रास्ते पर धकेल दिया। अंततः एक सिम कार्ड और पुलिस की सूझ-बूझ ने उस ‘अंडरवर्ल्ड बाजीगर’ की पूरी पारी खत्म कर दी। २००५ मे विक्की मल्होत्रा को सजा हुई थीं।
