मां से भी की बदसलूकी
धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के टीटीई पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। इसी क्रम में टीटीई की बर्बरता सामने आई है। दो ताजा घटनाओं में एक परिवार को काउंटर टिकट घर पर भूल जाने पर टीटीई ने २,००० रुपए की सीधी उगाही की, जबकि १२ साल से कम उम्र के नाबालिग से ३,१०० रुपए का ‘बालिग’ वाले टिकट की पूरी कीमत के साथ जुर्माना वसूला गया।
यात्री मनोज यादव को गोरखपुर सुपरफास्ट से गोरखपुर जाना था। उन्होंने अपने परिवार के छह सदस्यों का काउंटर टिकट निकाला, पर गत १२ नवंबर को यात्रा के दिन वे टिकट साथ लाना भूल गए। कसारा पहुंचते ही टीटीई ने टिकट मांगा। तब उन्होंने अपनी पीड़ा बताई। साथ ही टिकट की तस्वीर दिखाई और आधार कार्ड से वेरिफाई करने का आग्रह भी किया। फिर भी टीटीई ने यात्रा को अवैध बताते हुए पहले टिकट का पूरा ४,८०० रुपए मांगे। फिर यह सौदा २,००० रुपए में पट गया, जिसे टीटीई ने अपनी जेब में ठूंस लिया। दूसरी घटना में १२ साल का नाबालिग बच्चा अपनी मां के साथ सफर कर रहा था और उसके पास टिकट नहीं था। नियम के मुताबिक केवल आधा टिकट और हल्का जुर्माना लगना चाहिए था। लेकिन टीटीई ने मां से बदसलूकी की, बल्कि बच्चे पर जुर्माना समेत ३,१०० रुपए का पूरा किराया थोप दिया।
रेलवे ने साधी चुप्पी
इस मामले पर रेलवे की जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल लीना से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल उठाना तक जरूरी नहीं समझा। वहीं अन्य अधिकारी भी इस मुद्दे पर बात करने से साफ बचते दिखाई दिए। अधिकारियों की यह चुप्पी इस बात की ओर इशारा करती है कि रेलवे ऐसी घटनाओं से अवगत है।
