मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिमैदान के मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

मैदान के मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

मुंबई: मालाड (पश्चिम) इलाके में आरक्षित खेल मैदान को कथित रूप से नियमों के खिलाफ विकसित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में मनपा के बिल्डिंग प्रपोजल और डेवलपमेंट प्लानिंग विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरपीआई (ए) उत्तर मुंबई के सचिव विनोद पांडुरंग घोलप ने मुख्यमंत्री, नगर विकासमंत्री, मुख्य सचिव, महापौर, मनपा आयुक्त से लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है कि बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को नजरअंदाज कर मैदान का नक्शा मंजूर किया गया। उचित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
विनोद घोलप ने लिखा है कि लगभग 11,253 वर्गमीटर जमीन विकास योजना डीपी 2034 के तहत खेल मैदान के लिए आरक्षित है। बिल्डर ने यहां आवासीय परियोजना विकसित करते समय मैदान को एकसंध और उपयोगी रखने के बजाय ‘यू’ आकार में विकसित किया, जिससे वह बच्चों और नागरिकों के लिए लगभग अनुपयोगी बन गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि मैदान को इस तरह तैयार किया गया है जैसे वह इमारत के चारों ओर बची हुई जगह हो। इससे बच्चों को खेलने के लिए समुचित खुला मैदान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। नियमानुसार खेल मैदान समतल, एकसंध और उपयोगी होना चाहिए, लेकिन यहां मैदान को टुकड़ों में बांट दिया गया है।
शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि आखिर इस प्रकार के नक्शे को मनपा के विकास नियोजन और बिल्डिंग प्रपोजल विभाग ने मंजूरी कैसे दी। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर नियमों के खिलाफ दी गई मंजूरी तत्काल रद्द, मैदान को आयताकार और एकसंध स्वरूप में पुनर्विकसित और दोषी अधिकारियों पर एमआरटीपी एक्ट के तहत कार्रवाई के साथ ही जांच पूरी होने तक परियोजना को दी गई सभी सुविधाएं और मंजूरियां रोकी जाएं अन्यथा मनपा कार्यालय के सामने आंदोलन करेंगे।

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