अनिल मिश्र/ पटना
महान स्वतंत्रता सेनानी भारतरत्न देश के प्रथम लौह महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 41 वीं शहादत दिवस के पूर्व संध्या के अवसर पर गया जिला के स्थानीय अनुग्रह नारायण रोड स्थित दुबे आश्रम में “लौह महिला देश के प्रथम महिला प्रधानमंत्री की आज के परिवेश में प्रासंगिकता” विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता प्रो विजय कुमार मिट्ठू, गया जिला कॉंग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, इंटक महासचिव टिंकू गिरी, रूपेश चौधरी, प्रद्युम्न दुबे, अशोक राम, कृष्ण मुरारी शर्मा, सुनील पासवान, केदार मांझी आदि ने कहा कि भारत के आज तक के सबसे सशक्त, लोकप्रिय, जनप्रिय महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ही भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तान के सीने को चिर बंग्लादेश को आजाद करायी थी, तथा पाकिस्तान के हज़ारों सैनिकों को बंधक बना कर सबक सिखाने का काम किया था। इन सभी नेताओं ने कहा की इंदिरा गांधी जी के प्रधानमंत्रित्व काल में ही गरीबी हटाओ अभियान का शुभारंभ होने, सभी प्राइवेट बैंक, कोलियरी, आदि संस्थाओं का राष्ट्रीयकरण करने की ऐतिहासिक फैसलों की चर्चा आज भी देशवासिय याद करते हैं। इन नेताओं ने कहा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी अपनी मौत के कुछ महिने पहले सार्वजानिक सभा में यह बोलने का काम की थी कि मैं देश के लिए अपने शरीर के खून का एक एक कतरा कुर्बान कर दूंगी। इन नेताओं ने कहा कि इंदिरा गांधी की प्रासंगिकता आज देश में बढ़ती हुई निजीकरण, धर्मवाद, जातिवाद, आतंकवाद को समाप्त करने तथा बढ़ती बेरोजगारी , महंगाई पर अंकुश लगाने हेतु और ज्यादा बढ़ गई है।
