‘पत्नी को जलाया, भतीजे ने की खुदकुशी’
सामना संवाददाता / मुंबई
आगामी चुनाव से पहले शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की छवि खराब करने के उद्देश्य से गद्दार रामदास कदम निचले स्तर पर जाकर बयान दे रहे हैं, ऐसा जोरदार पलटवार शिवसेना नेता और विधायक एड. अनिल परब ने किया है। उन्होंने कहा कि पहले यह जांच होनी चाहिए कि रामदास कदम की पत्नी ज्योति कदम ने १९९३ में खुद को जलाया था या उन्हें जलाया गया था? उनके भतीजे ने आत्महत्या क्यों की? इन मामलों की जांच होनी चाहिए। इस ‘शिशुपाल’ के १०० गुनाह अब पूरे हो चुके हैं। आगामी विधानमंडल के सत्र में उनके सभी मामलों का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामदास कदम ‘राक्षस’ है ऐसे राक्षस को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस क्यों पाल रहे हैं?
अंगूठा और मोल्ड का फर्क नहीं पता
‘बालासाहेब ठाकरे का पार्थिव शरीर दो दिन तक रखा गया था। ऐसा दावा करने वाले कदम की अक्ल घुटनों में है। कदम को शायद मोल्ड और अंगूठे में फर्क समझ में नहीं आता। निधन के बाद किसी व्यक्ति के हाथ काम नहीं करते। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कम शिक्षित कदम को शायद यह वैज्ञानिक बात समझ में नहीं आती।
रामदास कदम के अवैध धंधों के अनेक किस्से
गृह राज्यमंत्री अपने पिता के ‘कारनामों’ की कराएं जांच!
-एड. अनिल परब की दो टूक
शिवसेना नेता एड. अनिल परब ने शिंदे गुट के नेता रामदास कदम के आरोपों पर जबरदस्त पलटवार किया है। एड. परब ने आगे कहा कि गृह राज्यमंत्री योगेश कदम को अपने पिता के ‘कारनामों’ की जांच करवानी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेड में रामदास कदम के अवैध धंधे, शराबखोरी, जमीन कब्जा, रेत चोरी और अनैतिक कामकाज के अनेक किस्से हैं।
शिवसेनाप्रमुख पर टिप्पणी ‘घृणास्पद’
उन्होंने शिंदे गुट के दशहरा सम्मेलन में रामदास कदम द्वारा हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे पर की गई विवादास्पद टिप्पणी को ‘घृणास्पद’ बताया। परब ने कहा कि कदम का दावा कि बालासाहेब ठाकरे का निधन किसी षड्यंत्र से हुआ था, पूरी तरह झूठा है। परब ने यह भी कहा कि कदम के झूठे आरोप उद्धव ठाकरे की बढ़ती लोकप्रियता से डर के कारण लगाए गए हैं। उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया जाएगा। परब ने यह भी सवाल उठाया कि गृह राज्यमंत्री योगेश कदम की मां के नाम से चल रहे बार पर पुलिस की छापेमारी होती है, फिर भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कोई कार्रवाई क्यों नहीं करते? मुख्यमंत्री ऐसे भ्रष्ट मंत्री को कब तक बचाएंगे?
कटोरा लेकर घूमते थे
‘उद्धव ठाकरे के खिलाफ नफरत और घृणा पैâलाने का अभियान चलाया जा रहा है। कदम जब शिवसेना में थे, तब अपने और अपने बेटों के पदों के लिए भीख का कटोरा लेकर घूमते थे। तब उद्धव साहेब ने ही उन्हें अवसर दिया। अब वही उद्धव ठाकरे बुरे वैâसे हो गए? पार्टी ली, लोग छीने, फिर भी कुछ नहीं हुआ, तो अब बालासाहेब के निधन पर राजनीति शुरू की गई है।
-एड. अनिल परब, शिवसेना नेता
