सामना संवाददाता / मुंबई
चर्चगेट स्टेशन पर रोजाना हजारों यात्रियों का आना-जाना होता है। ऐसे में यह जन सुरक्षा की दृष्टि से अहम स्टेशन है, लेकिन पिछले दो महीने में फूड स्टॉल पर लगातार आगजनी की दो घटनाओं से इस स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर क्यों चर्चगेट स्टेशन पर बार-बार आग लग रही है?
बता दें कि कल गुरुवार सुबह एक फूड स्टॉल में आग लग गई। जानकारी के मुताबिक, एग्जॉस्ट पैâन के अधिक गर्म होने के कारण पहले धुआं फिर चिंगारी निकली। इस आग में जानमाल की हानि नहीं हुई, क्योंकि घटना के समय स्टेशन पर मौजूद ट्रेन मैनेजर महेश जोशी ने फुर्ति दिखाते हुए आग बुझाने के लिए इस्तेमाल होने वाली फायर एक्सटिंगीशर लेकर आग को काबू में कर लिया।
रेलवे ने शुरू की दूसरी आग की जांच!
कल चर्चगेट रेलवे स्टेशन के फूड स्टॉल पर एक बार फिर आग लग गई। वक्त रहते एक्शन लिए जाने से जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया, वर्ना कोई बड़ा हादसा हो सकता था और स्टेशन के यात्रियों के लिए खतरा बढ़ सकता था। प्राथमिक जांच में आग का कारण शार्ट सर्किट बताया गया, वहीं रेलवे इस घटना की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, ताकि आग लगने की प्रमुख वजह सामने आ सके। गौरतलब है कि गत ५ जून को लगी आग की रिपोर्ट अब तक नहीं आ सकी है।
इस स्टेशन से आने-जानेवाले यात्रियों व दुकानदार का सवाल है कि आखिर क्यों चर्चगेट स्टेशन पर बार-बार आग लग रही है? चर्चगेट स्टेशन पर मौजूद दुकानदार इस घटना से भय के साए में जी रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि रेलवे को तुरंत फायर सेफ्टी ऑडिट पर ध्यान देने की जरूरत है। एक रेलवे कर्मचारी ने बताया कि इलेक्ट्रिक वायर और अन्य उपकरणों की लगातार निगरानी की जरूरत होती है। अगर कहीं भी कुछ दिक्कत आए तो उसमें त्वरित बदलाव किया जाना चाहिए। यह काम रेलवे के इलेक्ट्रिक विभाग का है। सूत्रों की मानें तो दोनों आग इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट की लापरवाही के कारण लगी थी। बता दें कि बीते महीने में ५ जून को शाम लगभग ५.२७ बजे चर्चगेट रेलवे स्टेशन के अंदर स्थित एक केक की दुकान में भीषण आग लग गई। बताया गया कि आग स्टॉल में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। गनीमत रही कि इस आग में कोई हताहत नहीं हुआ था।
