-आज हाई कोर्ट में सुनवाई…कटघरे में महायुति के ६६ सदस्य
-मनसे नेता ने दायर की है याचिका…फैसला आने तक स्थगन की मांग
सामना संवाददाता / ठाणे
प्रचार खत्म होते ही निर्विरोध चुने गए ६६ सदस्यों पर ‘ग्रहण’ लगता दिख रहा है। यह मामला अब मुंबई हाई कोर्ट में पहुंच चुका है। भाजपा के ४४ और शिंदे गुट के २२ निर्विरोध नगरसेवक कटघरे में खड़े हो गए हैं। मनसे नेता द्वारा दाखिल याचिका पर मुंबई हाई कोर्ट में आज तात्कालिक सुनवाई होने जा रही है, जिसमें पैâसला आने तक निर्विरोध जीत पर स्थगन की मांग की गई है। ऐसे में अगर अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों को गंभीरता से लिया तो निर्विरोध सत्ता की पूरी गणित पर सीधा असर पड़ सकता है।
महानगरपालिका चुनाव के ठीक मुहाने पर निर्विरोध चुने गए ६६ नगरसेवकों को लेकर बड़ा कानूनी टकराव खड़ा हो गया है। मनसे नेता अविनाश जाधव ने मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर कर निर्विरोध जीत पर सीधा सवाल खड़ा कर दिया है। दूसरी ओर आज बुधवार को इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के समक्ष तात्कालिक सुनवाई तय की गई है। याचिका में साफ मांग की गई है कि निर्विरोध चुने गए सभी नगरसेवकों की जीत पर तत्काल स्थगन लगाया जाए और पूरी सुनवाई खत्म होने तक यह रोक कायम रहे। अगर हाई कोर्ट ने मनसे की दलीलों को गंभीरता से लिया तो प्रचार खत्म होते ही निर्विरोध सत्ता का पूरी गणित उलट सकता है और दर्जनों नगरसेवकों की वैधता अधर में लटक जाएगी। निर्विरोध जीत में भारतीय जनता पार्टी सबसे आगे है, जिसके ४४ उम्मीदवार अब तक निर्विरोध विजयी घोषित हुए हैं। दूसरे स्थान पर शिंदे गुट है, जिसके २२ नगरसेवक निर्विरोध चुने गए। कल्याण-डोंबिवली मनपा में भाजपा के १५ और शिंदे गुट ७ उम्मीदवार निर्विरोध जीते हैं।
डुप्लिकेट मतदाताओं की फोटो सहित सूची तैयार
अविनाश जाधव ने दावा किया है कि मनसे के पास डुप्लिकेट मतदाताओं की फोटो सहित सूची तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे मतदाता मतदान के लिए पहुंचे तो मनसे कार्यकर्ता उनका उचित स्वागत करेंगे। उनके इस बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।
