वी. शांताराम की बायोपिक में जल्द ही नजर आनेवाले ‘गली बॉय’ सिद्धांत चतुर्वेदी ने एक बातचीत में इंडस्ट्री के स्याह पक्ष को उजागर करते हुए कहा कि बॉलीवुड में कहानियों की बेहद कमी है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जन्में सिद्धांत वैसे तो इंडस्ट्री में आउटसाइडर हैं, लेकिन आउटसाइडर होने के बावजूद इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बना चुके सिद्धांत ने कहा, ‘देश के छोटे शहरों में अपार प्रतिभा मौजूद है, लेकिन हिंदी सिनेमा को आम भारतीय दर्शकों से जुड़ना है तो उसे अपने पारंपरिक दायरों से बाहर निकलना होगा।’ इंडस्ट्री में बिना किसी गॉडफादर के कदम रखनेवाले सिद्धांत ने आगे कहा, ‘अगर भोपाल, बलिया या बनारस से कोई लेखक मुंबई आता है तो मुझे नहीं लगता कि उसे आसानी से इंडस्ट्री में जगह मिलेगी और इसकी वजह है उसका अंग्रेजी न बोल पाना।’ उन्होंने कहा, ‘हमें सिर्फ ‘मासी’ सिनेमा नहीं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों से आई ‘लापता लेडीज’ जैसी फिल्में भी चाहिए। हालांकि, उन कहानियों को लिखने वाले लोगों को मौका नहीं मिलता क्योंकि इंडस्ट्री अभी भी जूहू, बांद्रा या अंधेरी तक ही सिमटी हुई है।’
