-ऑनलाइन स्कैम का फैला है जाल…कम उम्र के लड़के चला रहे हैं रैकेट
फिरोज खान / मुंबई
इन दिनों छोटी उम्र के बच्चों की जिंदगी से घिनौना खेल खेला जा रहा है। ऑनलाइन बाल यौन शोषण स्कैम में हजारों लड़के यौन रुझान के दलदल में फंसे हुए हैं। यह स्वैâम इतना खतरनाक है कि छोटी उम्र के बच्चों को बर्बादी की ओर धकेल रहा है, साथ ही उनकी मानसिक स्थिति को भी बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। चौंकाने और हैरान कर देने वाली हकीकत यह है कि ऑनलाइन बाल यौन शोषण स्कैम कोई और नहीं, छोटी उम्र के बच्चे ही चला रहे हैं।
पैसों के लालच में लड़के अपने हमउम्र बच्चों को बहला-फुसलाकर, लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे हैं। बाल यौन शोषण सामग्री का यूज करवा रहे हैं और यौन उद्देश्यों के लिए बच्चों को मजबूर कर ब्लैकमेल कर रहे हैं। इसके अलावा यह सामग्री स्वयं बच्चों द्वारा निर्मित की जा रही है।
१८ साल का आरोपी
इस हैरतअंगेज स्कैम का खुलासा तब हुआ, जब साइबर पुलिस ने एक १८ साल के लड़के को हिरासत में लिया। पकड़े गए लड़के के मोबाइल से बाल यौन शोषण की जो जानकारी मिली है उससे पुलिस भी हैरान है।
बच्चों को भेजता था यौन शोषण के वीडियो
बच्चों को यौन शोषण के दलदल में बच्चे ही धकेल रहे हैं। एक लड़के की गिरफ्तारी के बाद इस बात का खुलासा हुआ है। साइबर पुलिस के मुताबिक, जिस लड़के को गिरफ्तार किया है, उस पर पैसे के लिए सोशल मीडिया के जरिए अपने दोस्तों को बच्चों के यौन शोषण और शोषण से जुड़ी सामग्री भेजने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कई वीडियो बरामद किए हैं। आगे की जांच के लिए केस को नई मुंबई के एनआरआई पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी १०वीं कक्षा का ड्रॉप आउट है और बेलापुर इलाके में अपने बड़े भाई के साथ रहता था। साइबर पुलिस को मोबाइल मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर एक यूजर के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि वह डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बाल यौन शोषण की ट्रैफिकिंग में शामिल है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक बड़ा डिजिटल एनालिसिस किया और टेक्निकल सबूत इकट्ठा किए, जिसमें एक यूपीआई आईडी की जांच भी शामिल हैं, जो आरोपी से जुड़ी हुई है। आखिरकार संदिग्ध का पता लगाया गया और उसके खिलाफ बीएनएस और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
क्या होता है बाल यौन शोषण का प्रसार
किसी बच्चे पर दबाव डाला जा सकता है। उसे मजबूर किया जा सकता है या उसे इस तरह से विवश किया जा सकता है कि वह अपने साथियों या दोस्तों के साथ ये आपत्तिजनक तस्वीरें ले और साझा करे। बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री, जैसे अश्लील तस्वीरें या वीडियो को इंटरनेट या अन्य माध्यमों से पैâलाना या साझा करना। किसी बच्चे को यौन गतिविधियों में शामिल करने के लिए मजबूर करना, बहलाना, या उसका यौन लाभ उठाना।
