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वन ट्रिलियन के उड़ान का सपना देख रहे राज्य की हकीकत बहुत कड़वी …कर्ज न चुका पाने के कारण व्यापारी ने परिवार समेत की आत्महत्या!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

वन ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना देख रहे राज्य की राजधानी में कर्ज न चुका पाने के कारण व्यापारी ने परिवार समेत आत्महत्या कर लिया। यूपी की राजधानी लखनऊ में कर्ज न चुका पाने पर पहले भी कई लोग अपनी जान दे चुके हैं। चौक क्षेत्र के अशर्फाबाद कॉलोनी में कपड़ा व्यापारी शोभित रस्तोगी (45) ने पत्नी सुचिता (43) और बेटी ख्याति (16) के साथ आत्महत्या कर ली। शोभित की राजाजीपुरम ई ब्लॉक में जुगल फैशन पॉइंट के नाम से दुकान थी। शोभित के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया गया है। इसमें उन्होंने कर्ज से परेशान होने के कारण जान देने की बात लिखी है। शोभित रस्तोगी की पत्नी-बेटी के साथ सामूहिक आत्महत्या ने समाज को झकझोर दिया है। हालांकि, लखनऊ में ये पहली घटना नहीं, जब किसी परिवार ने आर्थिक संकट से जूझते हुए जिंदगी से हार मान ली। 2022 में एक परिवार ऐसे ही जहर खाकर जान दे चुका है। कुछ अन्य मामले भी हैं, जहां कर्ज के बोझ या कर्ज वसूली की प्रताड़ना से मुक्ति पाने के लिए कुछ लोगों ने आत्मघाती कदम उठाए हैं।

27 जुलाई 2022 : जानकीपुरम निवासी नलकूप विभाग के जेई शैलेंद्र कुमार, उनकी पत्नी गीता और बेटी प्राची ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी। जेई व उनके परिवार ने 60 लाख रुपये का कर्ज न चुका पाने के कारण ये कदम उठाया था। आए दिन ब्याज पर रकम देने वाले लोग घर में घुसकर जेई व उनके परिवार से बदसलूकी करते थे।

9 अक्तूबर 2023 : विकासनगर के रहने वाले डॉ. प्रदीप वर्मा ने 20 लाख का कर्ज न चुका पाने के कारण आत्महत्या कर ली थी। वह मूल रूप से बाराबंकी के मसौली के रहने थे। उन्होंने ने 2013 में केजीएमयू से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।

20 अगस्त 2023 : लखीमपुर के मूल निवासी राकेश कुमार शुक्ला ने पीजीआई के वृंदावन सेक्टर-11 स्थित अपने मकान में फंदा लगा लिया था। कमरे में सुसाइड नोट मिला। उसमें उन्होंने तीन बैंक कर्मियों पर कर्ज वसूली के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।”

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