राजेश सरकार / प्रयागराज
भूमाफियाओं ने बंटवारे में मां और उसके बेटे की ज्यादातर जमीन हड़प ली। इससे हताश व त्रस्त होकर लगभग 24 साल के शिवम पाण्डेय ने रविवार देर रात फांसी लगाकर जान दे दी। शिवम स्वर्गीय विजय उर्फ बबलू पाण्डेय का लड़का था। परिवार में उसकी मां संध्या पाण्डेय और एक शादीशुदा छोटी बहन है। खुदकुशी का यह मामला शहर मुख्यालय से करीब २० किमी दूर औद्योगिक क्षेत्र थाने के तेंदुआवन गांव का है। बताया जाता है हत्या के आरोप में जेल की सजा काटने के दौरान पिता विजय उर्फ बबलू पाण्डेय की बीमारी से मौत हो चुकी है। इसके बाद गांव में जमीन का बंटवारा हुआ। बंटवारे में शिवम और उसकी मां के हिस्से की ज्यादातर जमीन हड़प ली गई। शिवम और उसकी मां ने विरोध किया लेकिन भूमाफियाओं के आगे नहीं चली। इस बीच भूमाफिया द्वारा जबरन उसके घर के सामने दीवार उठाया जाने लगा था। भू-माफिया उसकी जमीन पर दबंगई से कब्जा कर रहे थे। इससे त्रस्त व अवसाद में आकर शिवम ने खुदकुशी कर ली। इस मामले में पुलिस ने उमेश मिश्रा और सुधांशु मिश्रा के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया है।
– मरने से पहले लिखा सुसाइड नोट
मरने से पहले उसने एक डायरी के पन्नों में थानाध्यक्ष, लेखपाल एसडीएम और डीएम को सम्बोधित करते हुए पत्र लिखा है। मौके पर बरामद इस सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि मेरी माता संध्या पाण्डेय पत्नी विजय पाण्डेय (बब्लू), शिव पांडेय (रौनक) पुत्र विजय पांडेय दोनों लोगों के साथ बंटवारे में अन्याय हुआ। इसलिए मैं शिवम पाण्डेय पुत्र विजय पाण्डेय (बब्लू), ओम शिव पाण्डेय पुत्र अजय पाण्डेय, उमेश मिश्रा पुत्र लालजी मिश्रा के दबाव में आकर अपनी आत्महत्या कर रहा हूं। इसका जिम्मेदार ओम शिव पुत्र अजय व उमेश मिश्रा पुत्र लाल जी मिश्रा को ठहराया जाए। मैं शिवम पाण्डेय अपने पूरे होश हवास में यह पत्र लिख रहा हूं। मेरे साथ व मेरे परिवार के साथ जो अन्याय हुआ है। उसका उचित न्याय करे। (प्रशासन)
