रोहित माहेश्वरी
उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार होने के बावजूद पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिसिया जुल्म की घटनाएं बढ़ रही हैं। गाजीपुर के नोनहरा थाने में बिजली के खंभे लगाने को लेकर विवाद के दौरान भाजपा कार्यकर्ता धरने पर बैठे थे। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें सियाराम उपाध्याय गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर एघ्ऊ जांच के आदेश दिए गए हैं। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र पर चोट बताया, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं में भी असंतोष गहराता दिख रहा है।
विधायक निधि का १०% फ्लेवर
कानपुर के भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी ने स्वीकार किया कि विधायक निधि में उन्हें १० प्रतिशत ‘फ्लेवर’ यानी कमीशन मिलता है। जनता के लिए बनने वाले विकास कार्यों में से यह राशि सीधे विधायक की जेब में जाती है। विपक्ष इसे भ्रष्टाचार की परंपरा बता रहा है, जबकि विधायक का कहना है कि यह सिस्टम सभी विधायकों पर समान रूप से लागू होता है। जनता में सवाल उठ रहे हैं कि विकास जनता के लिए है या विधायक के १० प्रतिशत के लिए?
समाजवादी पार्टी का ‘लोकल मैनिफेस्टो’
समाजवादी पार्टी ने मथुरा-वृंदावन, हाथरस और आगरा के लिए विशेष ‘लोकल मैनिफेस्टो’ पेश किया। पार्टी का उद्देश्य स्थानीय जनता के मुद्दों पर समयबद्ध समाधान देना है। अखिलेश यादव ने कहा कि यह पहल सामाजिक भेदभाव, घटते रोजगार के अवसर, भ्रष्टाचार और सत्तापोषित भूमाफियाओं के प्रभाव को उजागर करेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे की बदहाली पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने जनता से भरोसा जताने की अपील की और कहा कि हम बनाएंगे अपनी सरकार।’
महोबा में वोटिंग लिस्ट पर सवाल
महोबा की पनवाड़ी विधानसभा में पंचायत चुनाव के मतदाता पुनरीक्षण के दौरान आश्चर्यजनक मामला सामने आया। वार्ड नंबर १३ के एक मकान में २४३ और दूसरे में १८५ मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए। अनुसूचित जाति के घरों में सामान्य वर्ग के मतदाता भी शामिल पाए गए। कांग्रेस उत्तर प्रदेश कमेटी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोट चोरी और लोकतंत्र का मज़ाक उड़ाने का आरोप लगाया। देशभर से ऐसे ‘जादुई मकानों’ की खबरें लगातार आ रही हैं।
