मुंबई। साउथ मुंबई के सबसे पुराने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में से एक, भोईवाड़ा का इमिटेशन ज्वेलरी बाज़ार अब बदहाली और अव्यवस्था का शिकार होता जा रहा है। जर्जर इमारतें, पार्किंग की भारी समस्या और असंगठित ढांचे के बीच कारोबारियों और ग्राहकों को हर दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में तिज्दमा इमिटेशन ज्वेलरी एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा में उठे क्लस्टर रीडेवलपमेंट के प्रस्ताव ने उद्योग को नई उम्मीद दी हैं।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने कहा कि, “भोईवाड़ा इमिटेशन ज्वेलरी बाज़ार का क्लस्टर रीडेवलपमेंट समय की मांग है। यह न सिर्फ कारोबारियों के लिए सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण तैयार करेगा बल्कि ग्राहकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इमिटेशन ज्वेलरी जैसे पारंपरिक उद्योग को बचाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने के लिए सरकार को जल्द से जल्द मुंबई शहर के लिए क्लस्टर रीडेवलपमेंट की विशेष नीति पारित कर इसे प्राथमिकता पर लागू करना चाहिए। “यह केवल भोईवाड़ा का नहीं, बल्कि पूरे साउथ मुंबई का मुद्दा हैं। यदि सरकार चाह ले तो यह मॉडल प्रोजेक्ट पूरे राज्य में उद्योगों के लिए मिसाल बन सकता है।”
सभा में करीब पांच सौ से अधिक कारोबारियों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया और कहा कि अव्यवस्थित बाज़ार अब कारोबार की प्रगति में बाधा बन चुका है। “यदि सरकार सक्रिय नहीं हुई, तो इमिटेशन ज्वेलरी उद्योग धीरे-धीरे अन्य राज्यों की ओर पलायन करने लगेगा, जिससे मुंबई की पहचान को गहरी चोट पहुँचेगी।”
नई कार्यकारिणी के गठन के बीच उद्योग जगत की यह आवाज स्पष्ट कर देती हैं कि अब समय बीत चुका है। ट्रस्ट और संगठन ने अपना मत दे दिया हैं, अब बारी सरकार की हैं कि वह इस प्रस्ताव को कानून का रूप देकर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करे।
दरअसल, साउथ मुंबई का यह मुद्दा केवल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हैं। सवाल यही हैं कि आखिर कब सरकार क्लस्टर रीडेवलपमेंट को लेकर ठोस कदम उठाएगी?
