मुख्यपृष्ठनए समाचारराज्य पर नौ लाख करोड़ का कर्ज...राज्य का विकास ठप, देवाभाऊ विज्ञापनबाजी...

राज्य पर नौ लाख करोड़ का कर्ज…राज्य का विकास ठप, देवाभाऊ विज्ञापनबाजी में मस्त!

-अंबादास दानवे ने बोला जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र पर नौ लाख करोड़ रुपए का कर्ज लद चुका है। ऐसे में मराठवाड़ा समेत पूरे राज्य में विकास योजनाएं ठप हो गई हैं। वैधानिक विकास महामंडल की स्थापना तो हुई, लेकिन उसका अस्तित्व ही अब नहीं है। १६ सितंबर २०२३ को तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने संभाजीनगर में कैबिनेट बैठक लेकर ३७ हजार करोड़ रुपयों की घोषणाएं की थीं, लेकिन उसमें से मराठवाड़ा को सिर्फ २ से ५ हजार करोड़ रुपए ही मिले। राज्य में किसान बदहाली से जूझ रहे हैं, लेकिन उन तक सरकार ने अभी तक कोई मदद नहीं पहुंचाई है। राज्य कई समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन देवाभाऊ २०० करोड़ की विज्ञापनबाजी में मस्त हैं। कुल मिलाकर सब रामभरोसे चल रहा है। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता अंबादास दानवे ने बोला।
कल मीडिया से बातचीत करते हुए दानवे ने कहा कि यह सरकार मराठवाड़ा के विकास की जानबूझकर अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा वॉटर ग्रिड जैसे महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का सर्वेक्षण भी अब तक शुरू नहीं हुआ। घोषणा करनी और भूल जाना, यही सरकार की नीति है। उन्होंने आगे कहा कि मराठवाड़ा में अतिवृष्टि से हाहाकार मचा हुआ है।
४,५०० गांवों में पानी भर गया है। इससे नांदेड़ में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। १ लाख ७५ हजार किसानों का ९३ प्रतिशत नुकसान हुआ है, लेकिन २०२३ से अब तक किसानों को एक रुपए की भी मदद नहीं मिली। फसल बीमा का हाल भी खराब है। दानवे ने कहा कि बाढ़ग्रस्त घोषित करने का यही समय है, लेकिन सरकार का एक भी मंत्री नुकसानग्रस्त क्षेत्रों में नहीं गया। दानवे ने कहा कि राज्य पर नौ लाख करोड़ का कर्ज है। सिर्फ सितंबर महीने में ५४ हजार करोड़ का कर्ज लिया गया। इसमें से ५५ हजार करोड़ सिर्फ ब्याज चुकाने में गए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के समय उधारीबाजी नहीं हुई, लेकिन अब जनता की लूट शुरू है। उन्होंने सरकार से पूछा कि किसानों को मदद देने के बजाय २०० करोड़ विज्ञापनों पर क्यों खर्च किए जा रहे हैं।

अन्य समाचार