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कांग्रेस-आई से तो बच जाओगे…पर एआई से कैसे बचोगे भाजपाई?

-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने एक मकान में पकड़े ४,२७१ फर्जी वोटर!

-महोबा के जैतपुर गांव में मिला ‘वोट चोरी’ का नायाब नमूना

-मकान मालिक को खुद मालूम नहीं, उसके मकान में रहते थे अदृश्य मतदाता

– पंचायत चुनाव सर्वेक्षण की ‘पंचायत’

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भाजपा के खिलाफ वोट चोरी की जबरदस्त मुहिम छेड़ रखी है। भाजपा इससे बचती आ रही है पर अब ‘एआई’ से बचना मुश्किल है। यूपी में पंचायत चुनाव से पहले हुए सर्वेक्षण में बड़ा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। वहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कराए गए सर्वे में एक ही मकान में ४,२७१ फर्जी वोटर पकड़े गए हैं। तीन कमरों के मकान में इतने वोटरों के नाम का होना इस बात को साबित करता है कि ‘वोट चोरी’ का खेल किस तरह धड़ल्ले से खेला जा रहा है।
बता दें कि यूपी से चुनाव में धांधली की खबरें आनी आम बात है। वोट चोरी का यह नायाब नमूना महोबा के जैतपुर गांव का है। वहां पंचायत चुनाव से पहले ऐसी धांधली देखने को मिली, जिसे जानकर आम आदमी आवाक है। हैरानी की बात ये भी है कि इस गांव में कुल वोटरों की संख्या १६,००० है। इस फर्जीवाड़े का खुलासा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कराए जा रहे सर्वे में हुआ है। इन सभी वोटर्स का पता एक तीन कमरों का मकान बताया गया है। जब मकान मालिक को इसकी जानकारी दी गई तो वह खुद हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि उन्हें खुद नहीं पता कि इतने सारे अदृश्य वोटर उनके पते पर कैसे बन गए?
बड़ी धांधली की तैयारी
पंचायत चुनाव में बड़ी धांधली करने की तैयारी थी। ये सभी वोट प्रधानी के चुनाव में जिस भी प्रत्याशी को पड़ते उसकी जीत सुनिश्चित थी। अब घर के वास्तविक वोटों को चिह्नित करने के बाद निर्वाचन आयोग ने बाकी वोटों को फर्जी करार देते हुए उन्हें रद्द करने की कवायद शुरू कर दी है।
एक पते पर २४३ वोटर
महोबा में ही एक पनवाड़ी ग्राम पंचायत में एक ही पते पर २४३ वोटों को चिह्नित किया गया है। वार्ड क्रमांक १३ के मकान नंबर ९९६ में १८५ मतदाता दर्ज पाए गए, जबकि उसी वार्ड के मकान नंबर ९९७ में २४३ नाम दर्ज हैं। इसके अलावा मकान नंबर १७०२ में २९ मतदाता सूचीबद्ध हैं। ये आंकड़े देखकर न सिर्फ स्थानीय लोग हैरान हैं, बल्कि खुद घर के मालिक भी निर्वाचन आयोग की सूची पर सवाल उठा रहे हैं।

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