सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में बाइक टैक्सी के माध्यम से बेस्ट को समाप्त करने की कोशिश सत्ताधारी कर रहे हैं। भाजपा और शिंदे गुट हमारी आंखों के सामने मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली ‘बेस्ट’ को मार रहे हैं। इस तरह का गंभीर आरोप शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता आदित्य ठाकरे ने कल लगाया।
पत्रकार परिषद में आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया कि मुंबई में बाइक टैक्सी शुरू करने की अनुमति आखिर किस तरह दी गई? इसके पीछे परिवहन मंत्री और सत्ताधारियों का असली उद्देश्य क्या है? उन्होंने कहा कि बाइक टैक्सी हो या ‘सिटीफ्लो’ जैसी बसें, इन माध्यमों से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का निजीकरण कर भाजपा और शिंदे गुट की ‘ट्रिपल इंजन सरकार’ हमारे पब्लिक ट्रांसपोर्ट यानी बेस्ट को पूरी तरह खत्म करने का काम कर रही है।
घर-घर पहुंचेगा आंदोलन
बेस्ट की किराया वृद्धि, रूट बदलना और रूट कम करना, बेस्ट बस डिपो को बिल्डरों को बेचना, ये सब शिंदे गुट के लोग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर शिवसेना घर-घर आंदोलन ले जाएगी। मुंबईकरों के हक की बेस्ट को आप खत्म करने की साजिश कर रहे हैं। जो ‘सिटीफ्लो’ बसें चल रही हैं, उनमें से कितनी कानूनी और कितनी गैरकानूनी हैं और कहां पर ‘खोके’ जा रहे हैं, इसकी भी जानकारी हमारे पास है।
मुंबईकरों को मिलती थी सस्ती ‘बेस्ट’ बस सेवा!
शिवसेना की सत्ता थी तब…मुंबईकरों को मिलती थी सस्ती ‘बेस्ट’ बस सेवा!-आदित्य ठाकरे
मुंबई मनपा और बेस्ट में शिवसेना की २५ सालों तक सत्ता थी। इस अवधि में बेस्ट कम किराए पर चलती थी। ५ रुपए में ५ किमी, १० रुपए में १० किमी, १५ रुपए में १५ किमी और २० रुपए में आप कहीं भी सफर कर सकते थे। लेकिन भाजपा और शिंदे गुट ने जो चाल चली, उसके कारण आज ५ किमी के लिए १० रुपए, २० किमी के लिए ५० रुपए और ५० किमी के लिए ६० रुपए किराया लिया जा रहा है, जबकि शिवसेना के शासन में ५० किमी की दूरी केवल २० रुपए में तय की जा सकती थी। इसके उलट अब बाइक टैक्सी से मात्र १.५ किमी का किराया १५ रुपए देना पड़ता है। इसमें असली फायदा किसका हो रहा है? इस तरह का सवाल शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने किया। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं।
बाइक टैक्सी में सफर करने वालों की सुरक्षा का क्या?
बाइक टैक्सी चलाने वाले कौन होंगे और कहां से आएंगे? इस सेवा का उपयोग करने वाले महिला-पुरुष सुरक्षित रहेंगे या नहीं? उनके लिए हेलमेट कौन देगा? ‘नो एंट्री’ में गाड़ियां न घुसें, इसके लिए क्या नियम होंगे? ये सवाल भी आदित्य ठाकरे ने उठाए।
खुलेआम भ्रष्टाचार
विधानसभा सत्र के दौरान परिवहन मंत्री ने पत्रकारों को साथ लेकर बाइक टैक्सी पर छापे मारे थे। लेकिन उसके बाद एक बाइक टैक्सी कंपनी ने मंत्री के रिश्तेदार को बड़ी स्पॉन्सरशिप दी। एक महीना भी नहीं बीता उस कंपनी के साथ ही रैपिडो व अन्य दो-तीन कंपनियों को बाइक टैक्सी का लाइसेंस दे दिया गया। इतना भ्रष्टाचार खुलेआम चल रहा है। इस तरह के आरोप आदित्य ठाकरे ने लगाए। आदित्य ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि अगर आपको लगता है कि युवा भाजी ठेले से अब बाइक टैक्सी की ओर आएंगे, तो यह माध्यम हो सकता है।
