मुख्यपृष्ठनए समाचारबेस्ट पर फूटा यात्रियों का गुस्सा!..बस लेट आने से यात्री लौटा घर...प्राइवेट...

बेस्ट पर फूटा यात्रियों का गुस्सा!..बस लेट आने से यात्री लौटा घर…प्राइवेट बसों में सफर करने को मजबूर यात्री

द्रुप्ति झा / मुंबई

मुंबईकरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने वाली बेस्ट बसें वैसे तो मुंबईकरों की लाइफ लाइन कही जाती है, लेकिन बसों की संख्या में आई कमी के कारण यात्री टैक्सी और ऑटोरिक्शा जैसे महंगे विकल्प चुनकर सफर करने को मजबूर हैं, जिससे यात्रियों का गुस्सा जमकर फूटा है।
बेस्ट की बसों में भारी कमी के चलते यात्री जहां भारी भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर हैं, वहीं अंधेरी से सिप्ज की ओर जानेवाली बस ४१५, अंधेरी से संघर्ष नगर की ओर जानेवाली बस ३३५, पवई मिलिंद नगर से अंधेरी की ओर आनेवाली बस ५४५, ४९६ और अंधेरी से कुर्ला की ओर जानेवाली बस नंबर ३३२ का भी यही हाल है। यहां लोगों को एक से दो घंटों तक लाइन में खड़े रहकर बस का इंतजार करना पड़ता है।
बता दें कि ४१५ सीप्ज की ओर जानेवाली बस के लिए अंधेरी स्टेशन के बाहर लगी लाइन रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर तक पहुंच जाती है, जिसकी वजह से यात्रियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार तो चालक बस को स्टॉप पर बिना रुकाए ही भाग जाते हैं। इस वजह से लोगों को प्राइवेट बस में सफर करना पड़ता है। दादर में काम करनेवाले दीपक निगम अंधेरी जाने के लिए घर से निकले, लेकिन २ घंटों तक बस न मिलने की वजह से लेट हो जाने के कारण दीपक को मजबूरन घर लौटना पड़ा।
एक रिपोर्ट में मौजूदा संकट के लिए बेस्ट के खराब प्रबंधन और योजना को जिम्मेदार ठहराया गया है। बेस्ट अपने स्वयं के कार्य और अच्छी छवि बनाए रखने में विफल रहा है। वर्तमान में फिलहाल बेस्ट के बेड़े में लगभग २,७०० बसें हैं। हालांकि, एक रिपोर्ट के अनुसार, बेस्ट के स्वामित्व वाली बसों की संख्या घटकर ७९५ हो गई है और आनेवाले समय में यह संख्या और कम हो सकती है। मिली जानकारी के मुताबिक, ९२० बसों के मौजूदा बेड़े की संख्या १ अप्रैल तक घटकर ६६६ रह गई। अगले वर्ष यानी १ अप्रैल, २०२६ तक यह संख्या और घटकर २२९ तक होने की संभावना है।

अन्य समाचार