उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार किसी उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवालों के चलते। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एयरपोर्ट की छत से पानी टपकता साफ दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि बीते दिनों अयोध्या में हुई मूसलाधार बारिश के बाद एयरपोर्ट के स्टैंडिंग एरिया में छत से लगातार पानी गिरता रहा, जिससे यात्री और स्टाफ असहज हो गए।
बता दें कि १,४५० करोड़ रुपए की लागत से इस एयरपोर्ट को बनाया गया था। जिसका उद्घाटन महज दो साल पहले ही पीएम मोदी के हाथों किया गया था। इतने कम समय में भवन की यह स्थिति न केवल निर्माण एजेंसियों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि करोड़ों की लागत से बने इस प्रोजेक्ट की निगरानी पर भी संदेह उत्पन्न करती है। वीडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने भाजपा राज में होनेवाले भ्रष्टाचार पर एक बार फिर से हमला बोलते हुए कहा है कि भाजपा के भ्रष्टाचार का एक और सबूत देखने को मिला, जहां बीजेपी ने `भगवान राम की नगरी’ अयोध्या में भी ठगी कर दी है।
स्थानीय यात्रियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह सीधे तौर पर निर्माण में लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार का संकेत है। किसी भी सरकारी इमारत की न्यूनतम आयु २० से २५ साल मानी जाती है, ऐसे में महज दो साल में ऐसी स्थिति आना गंभीर चिंता का विषय है।
