मुख्यपृष्ठस्तंभतड़का :  गड्ढे में जाएगी मुंबई!

तड़का :  गड्ढे में जाएगी मुंबई!

कविता श्रीवास्तव

‘अभी देखना मुंबई गड्ढे में जाएगी…!’ इस तरह से बड़बड़ाते उस शख्स की आवाज ने मुझे चौंकाया। मैंने बड़े ही कौतुहल से उससे जानना चाहा कि आखिर वह ऐसा क्यों कह रहा है? वह समझाने लगा, देखो अभी थोड़ी भी बरसात गिरती है तो मुंबई में जगह-जगह पानी भर जाता है न! उसकी बात सही थी। कुछ देर की बरसात में मुंबई की कई सड़कों पर व निचले इलाकों में पानी भरने लगता है। कई जगह रेल पटरियों का डूब जाना भी मुंबई में आम बात है। मुंबईवासी इसके आदी हैं, क्योंकि यह हमेशा की समस्या है। फिर भी बरसात के रुकते ही ढेर सारी जगहों से पानी निकल जाता है और मुंबई फिर सामान्य हो जाती है। लेकिन मुंबई गड्ढे में जाएगी इसका क्या मतलब है? यह पूछने पर वह बोला कि आपने देखा गिरगांव चौपाटी से प्रियदर्शिनी पार्क तक अंडरग्राउंड सड़क मार्ग बनाया गया है। इसी बरसात में वहां भी पानी भर गया था। आरे से नरीमन प्वाइंट तक ‘एक्वा लाइन’ की मेट्रो चलाने का काम पूरा हो गया है। पानी उसमें भी भरा था न! लेकिन मुंबई जमीन के नीचे और भी घुसती जा रही है। अब लोकल ट्रेन को भी अंडरग्राउंड करने की तैयारी है। मध्य रेल पर मुंबई सीएसएमटी से परेल तक रेल पटरियां जमीन के नीचे से बिछाने की तैयारी हो रही है। इसी तरह पश्चिम रेलवे के चर्चगेट और मुंबई सेंट्रल के बीच रेल सेवा को अंडरग्राउंड करने की योजना विचाराधीन है। इसमें टनल बोरिंग मशीन से कुल चार अलग-अलग सुरंगें बनाई जाएंगी। दक्षिण मुंबई में पश्चिम और मध्य दोनों रेल मार्ग की जमीन को विकास योजनाओं और निर्माण करने के लिए इस्तेमाल करने पर विचार हो रहा है। इस इलाके में जमीन की कीमतें बहुत महंगी हैं इसलिए अब रेल के इतने बड़े भूभाग पर निगाहें डाली गई हैं। इसीलिए रेल मार्ग को गड्ढे खोदकर अंडरग्राउंड बनाने पर विचार चल रहा है। उस शख्स की बातें गंभीरता से सुनकर उसकी चिंता का कारण पता चला। अब मैं विचार करने लगी कि उसकी चिंता भी सही है क्योंकि मुंबई में कोई भी भूभाग सरकार और प्रशासन खाली छोड़ने के मूड में नहीं है। मुंबईवाले चाहते हैं कि कुछ तो खुली जगह बची रहे, ताकि लोग कुछ खुलापन देख सकें। पर्याप्त प्रकाश का आनंद ले सकें। वैसे मुंबई में जिस तरह धड़ल्ले से निर्माण कार्य जारी हैं, यहां केवल कंक्रीट के जंगल के अलावा और क्या दिखाई देता है। जमीन की सतह पर संभावना न होने से इमारतों की ऊंचाइयां बढ़ रही हैं। अब गड्ढे खोदकर भी मेट्रो, सड़क और रेल मार्ग भूमि के नीचे बनाए जा रहे हैं। मुंबई की जमीनी सतह पर भी पानी भरता है तो अंडरग्राउंड की हालत बरसों बाद क्या होगी, यह तो प्रकृति ही बताएगी। लेकिन उस शख्स का यह कहना भी चिंता का विषय तो है ही कि मुंबई अब गड्ढे में जाएगी!

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