सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबईकरों की यात्रा सुगम बनाने के लिए मुंबई की सभी सड़कें कंक्रीट की बनाई जाएंगी। इस तरह का झुनझुना मुंबईकरों को देने वाली महायुति सरकार की हवा निकल गई है। इस साल की बारिश में २७ हजार ३३४ गड्ढे सड़कों पर हो गए हैं। मुंबई की सड़कें गड्ढों से भर गई हैं। इन गड्ढों से गुजरते हुए मुंबईकरों की कमर टूट रही है। यह जानकारी खुद मनपा ने हाई कोर्ट में दी है।
बता दें कि शहर में गड्ढों की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति संदेश पाटिल की पीठ के समक्ष इस याचिका पर सुनवाई हुई। उस समय वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल साखरे ने मनपा की ओर से जानकारी देते हुए पीठ को बताया कि मुंबई में लगभग २०५० किलोमीटर लंबी सड़कें हैं और इन सड़कों का चरणबद्ध तरीके से कंक्रीटीकरण किया जा रहा है। एक हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का कंक्रीटीकरण का काम पूरा हो चुका है और बाकी सड़कों का कंक्रीटीकरण का काम चल रहा है। यह काम मई २०२७ तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा कई सड़कें एमएमआरडीए, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट और अन्य प्राधिकरणों के नियंत्रण में हैं और उनका रखरखाव संबंधित प्राधिकरणों द्वारा किया जाता है। इसके साथ ही मनपा के वकील साखरे ने पीठ को यह भी बताया गड्ढों की शिकायत करने के लिए १९१६ दूरभाष क्रमांक दिया गया है। मनपा वकील साखरे ने पीठ के समक्ष दावा किया कि इस साल मानसून के दौरान मुंबई में २७ हजार ३३४ गड्ढों की शिकायतें मिली हैं और केवल ६८८ गड्ढों को भरने का काम बाकी है। मनपा ने २२७ वार्डों में इंजीनियरों की नियुक्ति की है। मनपा के वकील साखरे ने बताया कि शिकायत मिलने के ४८ घंटों के भीतर इन गड्ढों को भर दिया जाता है।
