राजेश सरकार / प्रयागराज
संगम नगरी प्रयागराज के यमुनापार में रामलीला मंचन की धूम मची है। रामचरित मानस के दोहे और छंदों पर कलाकार अपनी अभिनय प्रतिभा से मंचन को जीवंतता प्रदान कर रहे हैं। वहीं गीत और काव्यात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से भी कलाकारों के अभिनय रामलीला को रोचक बना रहे हैं। सार्वजनिक रामलीला समिति ट्रस्ट स्वदेशी कॉटन मिल की ध्वनि एवं प्रकाश के माध्यम से हो रही ‘कथा सियाराम की’ के मंचन ने पूरे यमुनापार में धूम मचा दी है। दूर-दूर से लोग रामलीला देखने पहुंच रहे हैं। ध्वनि व प्रकाश के करिश्माई घेरे में पारंपरिक रूप से रोचक संवादों के साथ कलाकारों का सजीव अभिनय दर्शकों को खूब भा रहा है। सार्वजनिक रामलीला समिति ट्रस्ट की रामलीला में सोमवार को ध्वनि एवं प्रकाश के माध्यम से सीता हरण, राम शबरी संवाद, हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, बाली वध का प्रभावशाली मंचन हुआ। सर्वप्रथम मरीच सुवर्ण मृग का रूप धरकर श्रीराम को वन में ले गया। इसी बीच रावण साधु का वेश बनाकर सीता माता का हरण कर ले गया। वन में शबरी माता ने प्रभु श्रीराम का स्वागत अपने प्रेम और भक्ति से किया। उनके झूठे बेर चखकर राम ने सिद्ध किया कि ईश्वर को भोग नहीं, सच्ची भक्ति प्रिय होती है। किष्किंधा में हनुमान जी का प्रभु श्रीराम से प्रथम मिलन हुआ। सुग्रीव और श्रीराम का मिलन मित्रता के शाश्वत आदर्श की स्थापना करता है। दोनों ने धर्म की रक्षा और अधर्म के नाश हेतु एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया। बाली के अन्याय और अत्याचार का अंत प्रभु श्रीराम के बाण से हुआ। यह प्रसंग सिखाता है कि जब अन्याय और अधर्म सीमा लांघ जाए तो धर्म के लिए कठोर निर्णय आवश्यक हो जाता है। इसके पहले रविवार की रामलीला में दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद थी। केवट प्रसंग, सती अनुसुइया, पंचवटी, सुर्पनखा संवाद, सुवर्ण मृग प्रसंग की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों का दिल जीत लिया था।भगवान श्रीराम के चरणों को गंगा पार करवाने का सौभाग्य केवट को मिला और सती माता ने तपस्विनी अनुसूया से सीता माता का परिचय करवाया। राम, लक्ष्मण और सीता पंचवटी में निवास करते हैं। राक्षसी शूर्पणखा का मोह, लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने पर अपमान में बदल जाता है। सीता माता के आग्रह पर श्रीराम सुवर्ण मृग का शिकार करने जाते हैं। यही घटना रामायण के सबसे निर्णायक मोड़ सीता हरण की भूमिका तैयार करती है। मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, पार्षद पति प्रदीप महरा, ओपी पांडेय को
अध्यक्ष राकेश जयसवाल एवं समिति टीम द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
